पहली बार देखने को मिली अनोखी शादी, जब हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे एक शख्स ने पुलिस के पहरे में सात फेरे लिए। आप भी देखिए इस विवाह की तस्वीरें।
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पुलिस के पहरे में सात फेरे
दरअसल, उम्रकैद की सजा काट रहे शख्स को शादी करने के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 48 घंटे का वक्त दिया है। आदेश के मुताबिक, हरियाणा के झज्जर में रविवार को युवक के फेरे पुलिस की तैनाती के बीच हुए। अब दूल्हे को 48 घंटे पूरे होने पर फिर जेल जाना होगा। मामले में कैदी की मंगेतर शादी करने की अपील लेकर अदालत पहुंची थी। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने पुलिस की तैनाती के बीच विवाह रचाने की अनुमति दे दी।
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पुलिस के पहरे में सात फेरे
इससे पहले खुद कैदी ने ही हाईकोर्ट में याचिका के जरिये हरियाणा गुड कंडक्ट ऑफ प्रिजनर एक्ट के तहत शादी के लिए अस्थायी रिहाई की मांग की थी, मगर हरियाणा सरकार ने अपनी दलील में इसका विरोध किया था। सरकार ने कहा था कि याची ने अभी न्यूनतम पांच साल की सजा पूरी नहीं की है। ऐसे में उसे रिहाई नहीं दी जा सकती। जेल मे सर्च ऑपरेशन के दौरान याची के पास से मोबाइल बरामद हुआ था, ऐसी स्थिति में सरकार याची की मांग का समर्थन नहीं कर सकती।
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पुलिस के पहरे में सात फेरे
जिस लड़की से विवाह तय हुआ, केस की सुनवाई के दौरान वह अपने परिवार समेत कोर्ट में हाजिर हो गई। उसने हाईकोर्ट को बताया कि उसे पता है कि लड़के को उम्रकैद की सजा मिली है। वह फिर भी शादी को तैयार है। लड़की के घरवालों ने भी कोर्ट को बताया कि बेटी की शादी की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। फिर हाईकोर्ट ने कैदी की मंगेतर की दलील सुनकर सरकार से शादी संबंधित जानकारी को पुख्ता करने के आदेश दिए।
इस पर सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि दावा सही है और याची की शादी बताई गई तारीख को तय है। फिर जस्टिस एमएमएस बेदी ने कहा कि यह न्यायसंगत होगा कि याची को विवाह के लिए 48 घंटे का समय दिया जाय। अपराध की प्रकृति को देखते हुए हथियारों ने लैस पुलिसकर्मियों की निगरानी में ही याची को विवाह समारोह में शामिल होना होगा। साथ ही 48 घंटे बाद उसे वापस जेल में आना होगा।