33 साल की नौकरी में 70 बार ट्रांसफर, ये किसी अफसर के लिए आसान नहीं होगा। लेकिन इस IAS अफसर को इसकी आदत हो चुकी है।
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प्रदीप कासनी
प्रदीप कासनी की गिनती हरियाणा के उन आईएएस अफसरों में होती है जिन्हें अपने सिद्धांतों के लिए मशहूर माना जाता है। प्रदेश की लगभग सभी सरकारों में प्रदीप कासनी को तबादले झेलने पड़े हैं।
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प्रदीप कासनी
प्रदीप कासनी को हरियाणा खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड का मुख्य कार्यकारी अधिकारी लगाया गया है। भाजपा सरकार के तीन साल के कार्यकाल में कासनी का यह 13वां ट्रांसफर हुआ है।
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प्रदीप कासनी
नियम के मुताबिक, एक आईएएस को एक पद पर कम से कम दो साल तक ट्रांस्फर नहीं किया जा सकता, लेकिन ये कासनी हैं जिनका ज्यादा दिन कहीं टीक पाना मुश्किल हो जाता है।
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प्रदीप कासनी
1997 बैच के आईएएस अफसर कसानी एक नहीं झुकने वाले नौकरशाह के रूप में चर्चित हैं. यही कारण है कि वर्तमान खट्टर सरकार के अलावा इससे पहले भूपिंदर सिंह हुड़्डा सरकार से भी उनकी नहीं पटी।
कासनी को साल 2005 में सत्ता में आई भूपेंद्र सिंह हुड्डा सरकार के कार्यकाल के दौरान अलग-अलग मौकों पर 8 महीने कोई पोस्टिंग नहीं मिल पाई थी। उन्हें 2008 में आईएएस के रूप में प्रमोशन मिली थी जबकि उनके अधिकांश बैचमेट पहले ही प्रमोट होकर आईएएस बन गए थे।