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रेप और गैंगरेप करने की सजा पर सरकार का बड़ा फैसला, कोई नहीं बताएगा, यहां जानिए

Mon, 19 Mar 2018 10:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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child rape
रेप और गैंगरेप करने की सजा को लेकर बीजेपी सरकार ने बड़ा ही ऐतिहासिक फैसला लिया है। कोई नहीं बताएगा इसके बारे में, यहां जानिए।
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दरअसल, हरियाणा में 12 साल या इससे कम आयु की बच्चियों से दुष्कर्म या सामूहिक दुष्कर्म पर अब फांसी की सजा पक्की हो गई है। विधानसभा में दंड विधि हरियाणा संशोधन विधेयक 2018 के सर्व सम्मति से पारित होने पर यह संभव हो पाया है। वीरवार को बजट सत्र के अंतिम दिन विधेयक को चर्चा के बाद पारित कर दिया गया।
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कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी, विधायक करण दलाल व गीता भुक्कल ने नए कानून में संशोधन के लिए अहम सुझाव दिए। सीएम मनोहर लाल ने आश्वस्त किया कि कानून को कड़ा से कड़ा बनाने के लिए इन सुझावों पर अमल किया जाएगा। भविष्य में कानून में और संशोधन लाए जाएंगे।

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किरण चौधरी ने 12 साल या इससे कम आयु की बच्चियों से रेप या गैंगरेप पर ही फांसी की सजा होने पर आपित्त जताई। उन्होंने कहा कि दुष्कर्म या सामूहिक दुष्कर्म के मामलों में आयु सीमा की शर्त हटाई जाए। हर आयु के महिला के साथ इस तरह के जघन्य अपराधों पर फांसी हो। चूंकि, इसका शिकार होने वाली महिलाएं रोजाना मर-मर कर जीती हैं। सरकार इसे राजस्थान-मध्यप्रदेश की तर्ज पर हूबहू न पारित करें।
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बच्ची से रेप
बता दें कि विधेयक के पास होने के बाद अब 12 साल की बच्चियों के साथ दुष्कर्म के दोषी को फांसी या कम से कम 14 वर्ष और सामूहिक दुष्कर्म के दोषियों को कम से कम बीस साल सश्रम कारावास का भी प्रावधान किया गया है। इसे आजीवन कारावास या दोषी के जीवित रहने तक बढ़ाने को भी मंजूरी दी गई है।
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आईपीसी की धाराओं में किया गया संशोधन
-आईपीसी की धारा 376 ए में एक और ए को जोड़ा गया है। इसके तहत दुष्कर्म के दोषी को फांसी व अन्य सजा दी जाएगी।
- आईपीसी की धारा 376 डी के साथ भी एक  औरए को जोड़ा गया है। इसके तहत दुष्कर्म के दोषियों को फांसी व अन्य सजा का प्रावधान किया गया है।
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Child Rape - फोटो : Demo Photo
कांग्रेस विधायक करण दलाल ने कहा कि दसवीं पास पुलिस कर्मियों के सहारे इस कानून की जांच को सिरे नहीं चढ़ाया जा सकता। रेप-गैंगरेप के मामलों में एसपी-डीएसपी स्तर का जांच अधिकारी होना चाहिए। विशेष कोर्ट बनें ताकि जल्द से जल्द आरोपियों को सजा सुनाई जा सके। चूंकि, कानून बनाने से अपराध खत्म नहीं होगा। पुलिस सिस्टम में व्याप्त खामियां भी सुधारनी होंगी। रेप-गैंगरेप वाले क्षेत्र के एसएचओ से जवाब तलब किया जाना जरूरी है।
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