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कहानी उस नेता की जिसने साइकिल पर बेचीं सब्जियां, अब दोबारा बनेंगे सीएम, 10 अनोखी बातें

Sun, 27 Oct 2019 02:34 PM IST
ajay kumar यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
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haryana Assembly elections - फोटो : अमर उजाला
कहानी उस सीएम की जिसके दादा-पिता मजदूरी करते थे। खुद भी साइकिल पर सब्जियां बेचीं। सभी मुश्किलों का सामना किया और आज एक राज्य के दोबारा मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं...

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मनोहर लाल - फोटो : फाइल फोटो
ये कहानी है हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की। शनिवार को वह चंडीगढ़ में राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। इसी के साथ एक नया इतिहास भी गढ़ देंगे। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल पंजाबी फैमिली से हैं। वे काफी समय तक आरएसएस से जुड़े रहे। वहां पर पीएम मोदी भी उनके साथ थे लेकिन क्या आप जानते हैं कि कभी इनके हालात इतने खराब थे कि साइकिल पर सब्जियां बेचने के लिए जाया करते थे।
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मनोहर लाल (फाइल)
सीएम मनोहर लाल के पिता का नाम हरबंस लाल था। वे 1947 में भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के वक्त परिवार को लेकर रोहतक आ गए थे। परिवार की आर्थिक हालत ठीक न होने के कारण उनके पिता और दादा को मजदूरी तक करनी पड़ी। जैसे-तैसे करके पैसे इकट्ठे किए गए और जमीन खरीदकर खेतीबाड़ी शुरू की, लेकिन हालात में ज्यादा सुधार नहीं हुआ।

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मनोहर लाल (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
मनोहर लाल पांच भाई हैं। एक भाई जगदीश दिल्ली में रहते हैं और एक भाई गुलशन बनियानी गांव में ही खेती देखते हैं। उनके दो भाई रोहतक में रहते हैं। उनसे छोटे तीसरे नंबर के भाई चरणजीत ही नौकरी करते थे। मनोहर लाल का मकान 1974 में बनियानी में बना था। यह 150 गज की जमीन पर बना है, जिसमें तीन कमरे हैं।
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मनोहर लाल (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
मनोहर लाल ने अपनी शुरुआती पढ़ाई पंडित नेकी राम शर्मा गवर्नमेंट कॉलेज से की। उनके पिता उन्हें आगे पढ़ने देना नहीं चाहते थे। वे चाहते थे कि उनका बेटा उनके काम में हाथ बटाए, लेकिन मनोहर आगे पढ़ाई कर डॉक्टर बनना चाहते थे। हाईस्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद वे घरवालों से पैसे उधार लेकर दिल्ली चले आए और दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी कर मेडिकल की तैयारी करने लगे।
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मनोहर लाल (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
मनोहर लाल ने तीन बार प्री मेडिकल दिया, पर क्लीयर नहीं हो सकता। तभी उन्होंने कमाई करने के लिए दुकान करने की सोची और दिल्ली के सदर मार्केट में कपड़ों की दुकान खोल ली। पांच भाइयों में सबसे बड़े मनोहर लाल को शुरू से ही जल्दी उठने की आदत थी। वे ना केवल खुद जल्दी उठते थे बल्कि, सभी भाइयों को भी उठाकर खेत ले जाते थे।
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मनोहर लाल (फाइल फोटो)
मनोहर लाल 24 साल की उम्र में आरएसएस से जुड़ गए थे। 1979 इलाहाबाद में हुए विश्व हिंदू परिषद के समागम में पहुंचे और कई संतों और संघ के प्रचारकों से मिले। 1980 में उन्होंने ताउम्र आरएसएस से जुड़ने और शादी न करने का फैसला लिया। उनके इस फैसले का घरवालों ने काफी विरोध किया, पर वे नहीं माने।

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मनोहर लाल - फोटो : फाइल फोटो
लगातार 14 साल गुजरात, हिमांचल, जम्मू कश्मीर जैसे 12 राज्यों में काम करने के बाद उन्हें 1994 में संघ की तरफ से एक्टिव राजनीति में आने का मौका मिला। 1995 में बीजेपी ने उन्हें हरियाणा का संगठन मंत्री बनाया। 1996 में बंसीलाल की हरियाणा विकास पार्टी के साथ गठबंधन कर बीजेपी को सत्ता में हिस्सेदारी दिलाई। फिर जब देखा कि बंसीलाल सरकार की ठीक नहीं जा रही तो आलाकमान को सपोर्ट वापसी के लिए राजी किया।

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सीएम मनोहर लाल - फोटो : फाइल फोटो
बीजेपी ने इसके बाद ओमप्रकाश चौटाला को बाहर से सपोर्ट देने का फैसला किया। बाद में इनेलो के साथ इस गठबंधन ने 1999 के लोकसभा चुनाव में हरियाणा की सभी 10 सीटें जीत ली। 2014 में विधानसभा चुनाव के दौरान करनाल सीट से उन्होंने पहली बार विधानसभा का चुनाव लड़ा और रिकॉर्ड तोड़ मतों से जीत दर्ज कर हरियाणा के सीएम बने।

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मनोहर लाल (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल के बीच कई समानताएं हैं। नरेंद्र मोदी जब गुजरात के पहली बार मुख्यमंत्री बने तब उनके पास सरकार चलाने का कोई अनुभव नहीं था। मोदी की तरह मनोहर लाल भी पहली बार ही विधायक बनने के बाद मुख्यमंत्री बन थे। मोदी की तरह मनोहर लाल भी ऐसे नेता हैं, जिन पर पारिवारिक जिम्मेदारी नहीं है और दोनों ही आपस में दोस्त भी हैं। अब वे दूसरी बार सीएम पद की शपथ लेंगे।
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मनोहर लाल (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
मोदी ने आरएसएस में अपना जीवन प्रचारक के तौर पर शुरू किया। इसी तरह मनोहर लाल भी लंबे समय तक आरएसएस प्रचारक रहे। मनोहर लाल के पिता की दुकान थी, जिसमें उन्होंने भी काम किया था। जबकि मोदी के पिता की भी चाय की दुकान थी। मोदी की तरह मनोहर लाल को भी आरएसएस में काम करने के बाद सरकार चलाने की अहम जिम्मेदारी दी गई।
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