हर्षिता दहिया का असली नाम गीता था, लेकिन उसे नाम क्यों बदलना पड़ा। न मां थी, न बाप और न भाई, पर अपने ही दुश्मन बन गए आखिर क्यों, पढ़िए दर्दभरी कहानी।
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harshita dahiya
- फोटो : facebook
हरियाणा की मशहूर सिंगर डांसर हर्षिता दहिया को मंगलवार को गोलियों से छलनी कर दिया गया था। पुलिस जांच में सामने आया कि उसका असली नाम गीता था। स्कूल से लेकर हर सर्टिफिकेट में उसका नाम गीता ही है। परिवार के सभी सदस्य उसे गीता के नाम से ही जानते थे, लेकिन प्रोफेशनल डांसर बनने के लिए उसने अपना नाम बदल लिया, हालात ही कुछ ऐसे थे।
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हर्षिता को बचपन से ही नाचने गाने का शौक था, लेकिन पिता की हार्ट अटैक से मौत हो गई। भाई भी नहीं था तो मां और तीन बहनें अकेली पड़ गईं, जिसका अपनों ने ही फायदा उठाया। बहनों की शादी हो गई तो गीता को पेट पालने के लिए शौक को प्रोफेशन बनाना पड़ा और नाम बदल लिया। इस नाम से हर्षिता मशहूर होने लगी थी। हर्षिता बनकर परिवार संभालने की कोशिश की, लेकिन वह बिखरता चला गया।
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हर्षिता केवल 12 वीं कक्षा तक पढ़ी थी। मां की हत्या हो गई, उसकी इज्जत से खिलवाड़ किया गया। हर्षिता आगे पढ़ना चाहती थी, बीए में कॉलेज में एडमिशन तो लिया, लेकिन परिवार की परेशानियों और कमाने के चक्कर में उसने पढ़ाई छोड़ दी थी। जीजा दिनेश दुश्मन बन गया और बहन लता उससे अलग रहने लगी। दूसरी बहन ने भी दिनेश के डर से नाता तोड़ लिया। दिनेश जान का दुश्मन बन गया।
हर्षिता भी अपनी मां की हत्या और अपने ऊपर हुए जुल्मों का बदला जीजा दिनेश कराला से लेना चाहती थी। उसने कुछ साल पहले नरेला में दिनेश को खुद गोली मारी थी, लेकिन वह बच गया था। नरेला थाने में हर्षिता दहिया पर दिनेश कराला की हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज है। दिनेश भी बदला लेने के लिए जेल में बैठकर अपने गुर्गों से रेकी करवा रहा था और आखिरकार वह हर्षिता की हत्या कराने में सफल भी रहा।