नाबालिग बच्चों से कुकर्म के आरोपी ‘थियेटर एज’ एनजीओ के संचालक और डायरेक्टर जुल्फिकार खान के खिलाफ आरोप तय हो गए हैं। देखिए, इसका काला चिट्ठा?
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देखिए, बच्चों के 'बलात्कारी' इस 'करोड़पति' का काला चिट्ठा
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2002 से कर रहा था बच्चों का शोषण: चंडीगढ़ में सेक्टर-11 थाना पुलिस की ओर से दायर चालान में कहा गया था कि शिकायतकर्ताओं के अनुसार जुल्फिकार 2002 से उनसे गलत हरकतें कर रहा था। मामले का खुलासा उस समय हुआ जब पीड़ित बच्चों के परिजनों ने हेल्पलाइन पर शिकायत दी।
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इसके बाद चाइल्ड राइट कमीशन के पास और भी बच्चों की शिकायतें आईं। शिकायतों के अनुसार जुल्फिकार कई वर्षों से बच्चों का यौन शोषण कर रहा था। मामला पुलिस के पास पहुंचा तो जांच में पता चला कि जुल्फिकार बच्चों को नशा भी करवाता था और उन्हें ब्रांडेड कपड़े और महंगे जूते देता था। इसके बाद वह उन्हें अपनी हवस का शिकार बनाता था।
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पुलिस ने जांच के दौरान हुए खुलासों से संबंधित कई सबूत कोर्ट में पेश किए हैं। पुलिस ने 360 पेज के चालान में पांच पीड़ित बच्चों को शिकायतकर्ता बनाया है। साथ ही उनके बयान, मेडिकल रिपोर्ट, कोर्ट में दिए गए उनके बयान, उनकी उम्र, जुल्फिकार के अश्लील कृत्यों की कुछ तस्वीरें और घर से मिली पोर्न सीडी और अन्य सामान बतौर सबूत पेश किया है।
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साथ ही केस में 34 गवाह बनाए गए हैं। इनमें जांचकर्ता पुलिसकर्मियों के अलावा पीड़ित नाबालिगों का मेडिकल करने वाले डॉक्टर, बच्चों के अदालत में हुए मजिस्ट्रेट बयान समेत केस से जुड़े अन्य गवाह शामिल हैं।
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रद्दी की कमाई से खड़ी की करोड़ों की प्रॉपर्टी: 22 वर्ष से जुल्फिकार शहर में थियेटर एज नाम से एनजीओ चला रहा था। मूलरूप से यूपी के शाहजहांपुर निवासी जुल्फिकार को प्रशासन की ओर से सेक्टर-24 के सरकारी स्कूल में एनजीओ चलाने के लिए दो कमरे दिए गए थे। इसके अलावा वह ट्राइसिटी के लोगों से रद्दी और अन्य सामान एकत्र करता था।
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इनसे मिलने वाले पैसे वह गरीबों के बच्चों की शिक्षा पर खर्च करता था। हालांकि इसका इस्तेमाल उसने अपने निजी कामों के लिए भी किया और इन पैसों से ही उसने शहर में कई जगह प्रॉपर्टी भी खरीदी। रद्दी की कमाई से उसने करोड़ों की प्रॉपर्टी बना डाली।