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Alert: जीएसटी के बाद किया ये काम, तो एक लाख जुर्माना और कैद की सजा

Sun, 09 Jul 2017 10:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला(हरियाणा)
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जीएसटी लागू हो चुका है। ऐसे में अब कारोबारियों को ये काम करने पर एक लाख का जुर्माना झेलना हो और एक साल जेल की हवा खानी पड़ी, देखिए खबर।
 
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दरअसल, जीएसटी लागू होने के बाद कारोबारियों को बचे माल पर बदली हुई कीमतों का एमआरपी स्टीकर लगाने को कहा गया है। ऐसा न करके अगर कारोबारियों ने मनमानी कीमत वसूली तो उन्हें एक लाख का जुर्माना और जेल की सजा भुगतनी होगी।
 
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सरकार की ओर से जारी निर्देशों के मु​ताबिक, नई एमआरपी न लगाने पर पहली बार 25,000 रुपये, दूसरी बार 50,000 रुपये और तीसरी बार एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा एक साल तक जेल भी हो सकती है। 
 

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दूसरी ओर, जीएसटी लागू होने के एक सप्ताह बाद भी छोटे उद्यमियों, व्यापारियों के साथ उपभोक्ताओं के लिए परेशानी बनी हुई है। उद्यमियों में जहां स्लैब को लेकर स्थिति क्लीयर नही है। वहीं उपभोक्ताओं को चिंता है कि उत्पाद विशेष पर टैक्स की दरें क्या होंगी। 
 
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टैक्स स्लैब के आधार पर सॉफ्टवेयर अपडेशन की प्रक्रिया पूरी न होने से बाजार में उत्पादों की खरीद-बिक्री में थोड़ी कमी आई है। हालांकि आबकारी एवं कराधान विभाग की ओर से हेल्प डेस्क की शुरुआत की गई है। लेकिन अन्य पहलुओं को लेकर अभी संशय की स्थिति बनी हुई है।
 
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पंचकूला इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के महासचिव राकेश गर्ग ने बताया कि उनका फर्नीचर का कारोबार है। स्टील फर्नीचर पर टैक्स की दरें पहले से करीब 15 फीसदी अधिक हो गई हैं, लेकिन फर्नीचर के स्लैब में स्पष्टता नहीं है। ऐसे में स्टील फर्नीचर की कीमतें बढ़ेंगी।
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कैटल फीड के कारोबार से जुड़े सतपाल गुप्ता ने बताया कि अभी भी कई उत्पाद हैं, जिनके स्लैब का पता नहीं चल पा रहा है। कैटल फीड के लिए जरूरी ब्वॉल्ड ऑयल केक पर कुछ राज्यों में टैक्स, जबकि कुछ में यह टैक्स फ्री था। ऑयल केक पर टैक्स लगाए जाने से कीमत पर थोड़ा बहुत असर पड़ सकता है।
 
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gst - फोटो : सोशल मीड‌िया
टाइल कारोबारी राजीव गोयल ने बताया कि व्यापारियों या उद्यमियों को टैक्स इनपुट का फायदा मिलेगा। लेकिन उपभोक्ताओं पर इसका असर पड़ने की पूरी उम्मीद है। टाइल्स पर प्रदेश में टैक्स की दरें 13 फीसदी थी जो बढ़कर 28 फीसदी हो गई हैं। इससे रिहायश के निर्माण पर भी होने वाला खर्च बढ़ जाएगा। 
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