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GST: अब इन चीजों के दाम भी बढ़ गए, खरीदने से पहले सोचना होगा

Fri, 06 Oct 2017 09:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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gst - फोटो : demo photo
जब से जीएसटी लागू हुआ, कई चीजों के दाम बढ़ गए। अब कुछ और चीजों की कीमतों में भी इजाफा हो गया है, जिस कारण एक निजी काम करना महंगा हो गया है।
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marriage - फोटो : demo photo
बात हो रही है शादी की। अबकी बार लग्न के सीजन में जीएसटी का ‘लगान’ चुकाना होगा। चाहे मैरिज पैलेस में शादी समारोह करें या होटल और रेस्टोरेंट में, शादियों पर महंगाई की मार पड़ना तय है। जीएसटी के बाद टैक्स का फार्मूला सीधा है। इसमें सर्विसेज में सबसे ज्यादा टैक्स बढ़ा है। जो अब 18 फीसदी हो चुका है। ऐसे में मैरिज लॉन, गेस्ट हाउस व बैंड बाजे, लाइट साउंड, हलवाई-कैटरर्स जैसे अन्य सर्विस प्रोवाइडर का जीएसटी के कारण रेट बढ़ गया है।
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marriage - फोटो : demo photo
होटल बुकिंग करवाने पर टैक्स का एक फीसदी का फर्क पड़ेगा। पहले टैक्स 17.5 और अब जीएसटी 18.5 है। यूं तो शादी के लिए लोग घरों की जगह मैरिज हॉल, होटल या गेस्ट हाउस का इस्तेमाल ज्यादा कर रहे हैं, लेकिन हाईप्रोफाइल शादियों में फाइव स्टार होटल में 28 फीसदी टैक्स है। शादी समारोह में शराब का इंतजाम रखने वालों को पहले छह फीसदी टैक्स देना होता था, जबकि अब साढ़े बारह फीसदी का टैक्स है।

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marriage - फोटो : demo photo
शादी में लगाए जाने वाले टेंट के रेट्स पहले ही महंगाई की वजह से दस फीसदी बढ़ चुके हैं और अब जीएसटी के बाद टैक्स में भी तीन फीसदी की वृद्धि कर दी गई है। वहीं कैटरिंग सर्विसेज पर भी जीएसटी के साथ महंगाई का असर पड़ चुका है। पहले कैटरिंग में 12.50 फीसदी टैक्स था और अब यह बढ़कर 18 हो गया है। कपड़ों पर टैक्स की दर पांच फीसदी कर दी गई है, वहीं रेडीमेड गारमेंट पर टैक्स की दर 18 फीसदी है।
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एक मार्केट विशेषज्ञ के अनुसार, बारातियों के स्वागत में जिन्होंने साढ़े पांच लाख रुपये तक का बजट बनाया है, उन्हें अब करीब 96 हजार रुपये जीएसटी देना होगा। जीएसटी का असर उस परिवार पर होगा, जिन्होंने लंबा पैकेज तैयार करके फेमस और जीएसटी में रजिस्टर्ड लान, गेस्ट हाउस, टेंट हाउस, लाइट-साउंड, हलवाई-कैटरर्स और डेकोरेशन वाले को बुक किया होगा। नॉन रजिस्टर्ड सर्विस प्रोवाइडर से सुविधा लेने वालों को यह टैक्स नहीं देना पड़ेगा।
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मैरिज पैलेस 1,75,000 18 परसेंट 31,500 हलवाई 2,00,000 12 परसेंट 24,000 कैटरर्स 1,00,000 18 परसेंट 18,000 फोटो वीडियोग्राफी 50,000 18 परसेंट 9,000 डेकोरेशन 60,000 18 परसेंट 10,800 बैंड डीजे 60,000 18 परसेंट 10,800 बग्घी 20,000 18 परसेंट 3600 शादी कार्ड 30,000 12 परसेंट 3600 ब्यूटी पार्लर 20,000 18 परसेंट 3600 कुल टैक्स  7,15,000 1,14,900
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20 लाख से कम का टर्न ओवर वाले सर्विस प्रोवाइडर जीएसटी से बाहर हैं। लोग यदि जीएसटी में अन रजिस्टर्ड छोटे सर्विस प्रोवाइडर की सेवा लेंगे तो उन्हें राहत मिलेगी। रजिस्टर्ड सर्विस प्रोवाइडर की सेवा लेने पर जीएसटी देना पड़ेगा। क्योंकि उसे भी जीएसटी देना होगा। शादी में सर्विस प्रोवाइडर भी जीएसटी के दायरे में हैं। जो अब तक 14 फीसदी सर्विस टैक्स देते थे। अब होटल, लॉन व जीएसटी स्लैब में आने वाले दूसरे सर्विस प्रोवाइडर को जीएसटी देना होगा। इसका सीधा असर पब्लिक पर पड़ेगा।
- केशव गर्ग, सीए
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