पढ़ें, वो हत्याकांड जिन्होंने साल 2019 में दिल को झकझोर कर रख दिया था। मृतकों में दो बहनें और एक ही परिवार के सात लोग शामिल रहे। एक गर्भवती की हत्या करके पेट से बच्चा निकाल लिया था।
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ड्रग इंस्पेक्टर नेहा शौरी
- फोटो : अमर उजाला
ड्रग इंस्पेक्टर नेहा शौरी की हत्या
मार्च 2019 में पंजाब में मोरिंडा के रहने वाले बलविंदर सिंह ने खरड़ स्थित फूड एंड केमिकल टेस्टिंग लैब में घुसकर जोनल लाइसेंसिंग अथॉरिटी डॉ. नेहा शौरी (35) की दिनदहाड़े गोलियां मारकर हत्या कर दी। आरोपी वहां से भागने लगा तो लोगों ने उसे घेर लिया। इसके बाद उसने खुद को भी गोली मार ली। गंभीर हालत में दोनों को पीजीआई ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राज्य के पुलिस प्रमुख को मामले की तत्काल जांच के आदेश दिए थे।
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गर्भवती महिला की हत्या करने वाले
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गर्भवती की हत्या, ब्लेड से पेट फाड़ निकाला सात माह का बच्चा
मई 2019 में पंजाब में बटाला के गांव काला नंगल में संतान न होने पर महिला ने अपने पारिवारिक सदस्यों संग मिलकर एक महिला तांत्रिक के कहने पर पड़ोस में रहने वाली सात महीने की गर्भवती महिला का कत्ल कर दिया। कत्ल के बाद गर्भवती महिला का पेट ब्लेड से फाड़ कर सात माह का बच्चा बाहर निकालकर आरोपियों ने अपने घर में ही दफना दिया। दो दिन से गर्भवती महिला लापता थी। सदर पुलिस बटाला ने महिला तांत्रिक समेत सात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया हथियार और खून से लथपथ कपड़ों को भी बरामद किया। साथ ही आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया।
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डॉ. राजीव गुप्ता की हत्या
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मशहूर डॉक्टर राजीव गुप्ता की हत्या
जुलाई 2019 में हरियाणा के करनाल जिले में अमृतधारा अस्पताल के मालिक व वरिष्ठ डॉक्टर राजीव गुप्ता की सेक्टर-16 चौक पर बाइक सवार तीन बदमाशों ने सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी थी। बदमाशों ने डॉक्टर पर तीन राउंड फायर किए, जिसमें से दो गोलियां उनकी छाती पर लगी थीं। खून से लथपथ डॉक्टर को उनके ही अस्पताल में लाया गया था, लेकिनउनकी मौत हो गई। हत्या उनके ही अस्पताल के एक पूर्व कर्मचारी ने की। उसने पूरी वारदात को अपने साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया।
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दो बहनों की हत्या
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रक्षाबंधन पर दो बहनों की हत्या
15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कड़ी सुरक्षा के बावजूद चंडीगढ़ में दो बहनों की हत्या कर दी गई थी। एक के पेट में चाकू से वार किया गया, जबकि दूसरी बहन की गर्दन काटकर उसे मौत के घाट उतार दिया गया। सीसीटीवी में एक युवक घर में जाता और बाहर निकलता दिखाई दिया। उसकी पहचान जीरकपुर निवासी चंडीगढ़ पुलिस के रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर के आरोपी बेटे कुलदीप सिंह (30) के रूप में हुई, जिसे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास से दबोच लिया गया था।
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नहर में कार डुबोकर सात लोगों की हत्या
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परिवार के सात लोगों की हत्या
सितंबर 2019 में पंजाब के अबोहर जिले में गांव तूतवाला के पास नहर में कार डूबने से हुई सात लोगों की मौत हो गई थी। यह हादसा नहीं मर्डर था, जिसे बलविंदर सिंह ने अंजाम दिया था। वह भी कार में सवार था, लेकिन बच गया था। आरोपी अपने परिजनों की टोकाटाकी से परेशान रहता था। इसी का बदला लेने के लिए उसने पूरे परिवार को खत्म करने की साजिश रची और अचाड़िकी जाने के बहाने पूरे परिवार को कार में बैठाकर नहर में धकेल दिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया जिस पर पुलिस ने उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। उसने गांव अमरपुरा निवासी सुरिंदर सिंह, उसकी पत्नी कुलविंदर कौर, मां स्वर्ण कौर, बेटियों सोना और सिमरन, बेटे साजन और अपने दिव्यांग बेटे लखविंदर की हत्या की।
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पांच हत्याएं करके खुदकुशी करने वाला युवक
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पांच सदस्यों की हत्या करके सुसाइड
अगस्त 2019 में पंजाब के मोगा में गांव नत्थूवाला गर्बी में संदीप सिंह ने 32 बोर की रिवाल्वर से अपने पिता मंजीत सिंह (55), माता बिंदर कौर (50), दादी गुरदीप कौर (70), बहन अमनजोत कौर (33), भांजी मनीत कौर (3) के सिर में गोली मारकर हत्या कर दी। दादा गुरचरण सिंह को भी गोली मारी थी, लेकिन वह बच गए। हत्याएं करने के बाद उसने खुद भी सुसाइड कर ली थी। संदीप ने 19 पेज का सुसाइड नोट छोड़ा था, जिसमें उसने खुद के गुप्त रोग से पीड़ित होने की बात लिखी है। पुलिस ने संदीप सिंह सन्नी के खिलाफ थाना बाघापुराना में धारा 302 के तहत केस दर्ज कर लिया था।
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पत्नी और दो बच्चों की हत्या के बाद खुदकुशी
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पत्नी और दो बच्चों की हत्या करके सुसाइड
मार्च 2019 में ही रोहतक के सुंडाना के तनाव ग्रस्त किसान बिजेंद्र ने अपनी पत्नी और दो बच्चों को बेरहमी से मार डाला था। कर्ज के बोझ तले दबे किसान ने कस्सी से पत्नी की खोपड़ी चूर-चूर कर डाली। वह उस पर तब तक वार करता रहा, जब तक जान नहीं चली गई। फोरेंसिक एक्स्पर्ट व डॉक्टर उसके सिर पर लगी चोटों का हिसाब ही नहीं लगा सके। बेटी को मारने से पहले उसका गला घोंटा। फिर कस्सी से काट डाला। खेत में जान बचाकर भाग रहे बेटे पर भी कस्सी से छह वार किए। बेटी की हत्या के बाद पत्नी और बेटे को मारने के लिए उनका पीछा किया और खेतों में दबोच कर मार डाला। फिर पेड़ से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली।
पत्नी और तीन बच्चों की हत्या
जून 2019 में पंजाब के अमृतसर में अवैध संबंधों में रुकावट बनी पत्नी, दो बेटों और एक बेटी की निर्मम हत्या कर उनकी लाशों को जगदेव कलां नहर में फेंक दिया। मामले में आरोपी हरवंत सिंह, उसके भांजे कुलदीप सिंह व दो अन्य साथियों को गिरफ्तार किया गया था। तीनों ने सफेदे के पेड़ के एक भाग को नुकीला करके उसे हथियार के रूप में प्रयोग किया था। वारदात उस समय अंजाम दी गई थी, जब सभी सोए हुए थे। जब चारों की मौत हो गई तो हरवंत ने कुलदीप और अपने दो साथियों की मदद से सबसे पहले खून के दागों को धोया। फिर उनकी लाशों में ईंटें बांध कर उसे बोरी में डालकर नहर में फेंक दिया।