फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरियाणाः 600 फौजियों वाला गांव, आजाद हिंद फौज में थे 14 लाल, पढ़ें गौरवगाथा

Wed, 17 Jul 2019 01:14 AM IST
ajay kumar संजय कुमार, अमर उजाला, खोल (हरियाणा)
विज्ञापन
1 of 6
रेवाड़ी का लुहाना गांव - फोटो : अमर उजाला
हरियाणा की धरती वीरता के लिए जानी जाती है। देश की सेवा में इस प्रदेश का योगदान अतुल्यनीय है। आज बात करेंगे हरियाणा के ऐसे ही एक गांव की जहां देशभक्ति का जज्बा कूट-कूट कर भरा हुआ है। यह रेवाड़ी में अरावली पर्वत माला के बीच बसा ऐतिहासिक लुहाना गांव है। गांव के देशभक्ति के किस्से दूर-दराज तक फैले हैं।
विज्ञापन

2 of 6
लुहाना गांव - फोटो : अमर उजाला
गुलामी से हिंदुस्तान को आजाद कराना हो या अब देश की सरहदों की रक्षा की बात यहां के युवाओं ने हमेशा कुर्बानियां दी हैं। आजादी की लड़ाई में जहां 14 लोगों ने भाग लिया। वहीं करीब 600 लोग सेना में भर्ती हुए। इनमें से कुछ सेवानिवृत्त हो चुके हैं, अधिकतर देश की रक्षा में लगे हुए हैं। गांव की पहाड़ियों में स्थित 200 वर्ष पुराना ठाकुर मंदिर लोगों की आस्था का प्रतीक है। पहाड़ पर ही एक पुराना खंडहर नुमा किला है। 
विज्ञापन

3 of 6
वीरों का गांव - फोटो : अमर उजाला
मातृ शक्ति के हाथ गांव की बागड़ोर
करीब चार हजार की आबादी वाले गांव की बागड़ोर महिला सरपंच के हाथों में है। इसके अलावा 11 पंच, जिनमें 4 महिला पंच है। गांव में मिडिल स्कूल, उप स्वास्थ्य केन्द्र, शिव मंदिर, ठाकुर मंदिर, शिव मूर्ति, सभी गलियां टाइलयुक्त, 22 घंटे बिजली आपूर्ति हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव का नाम लुहाना इसलिए पड़ा कि यहां काला पत्थर निकलता था, जो लोहा जैसा लगता था।

4 of 6
गांव का प्रसिद्ध मंदिर - फोटो : अमर उजाला
तभी से इस गांव को लुहाना के नाम से जाना जाता है। काला पत्थर खान में बाबा सैजू का मंदिर भी निकला था। गांव की सुंदरता देखने लायक हैं। गांव में पानी के 2 पंचायती बोरवेल व 3 पब्लिक हेल्थ के बोरवेल हैं। गांव की फिरनी को चौड़ा करवाकर अन्य मार्गों से जोड़ा गया है। लुहाना से खालेटा गांव तक सड़क बनाई गई है। बुस्टिंग स्टेशन भी बनाया गया है।
विज्ञापन

5 of 6
- फोटो : अमर उजाला
14 वीरों ने आजादी की लड़ाई में लिया भाग
नेताजी सुभाषचन्द्र बोस द्वारा बनाई गई आजाद हिंद फौज में लुहाना के 14 युवाओं ने भाग लिया थी और आजादी की लड़ाई लड़ी थी। आजादी से पहले आजाद हिंद फौज के नेतृत्व में सिंगापुर में अंग्रेजों के साथ जो लड़ाई लड़ी गई थी, उस लड़ाई में लुहाना के सात वीर जवान प्रभुदयाल, श्रीराम, रामजीलाल, सूरजन सिंह, प्रभुदयालन, घीसाराम, परमानंद शहीद हो गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
गांव में बना द्वार और किला - फोटो : अमर उजाला
स्वतंत्रता सेनानी दुलीचन्द, प्रभाती लाल, मैनपाल, मैनपाल पुत्र नंदलाल, रामस्वरूप, रघुबीर सिंह, रामरख लड़ाई लड़ कर स्वदेश लौट कर आए थे। जब ये सभी जब वापस आए तो गांव के युवाओं को अंग्रेजों से लड़ी लड़ाई के बारे में बताया था। गांव से सतबीर सिंहआईएएस हैं, जो वर्तमान में महाराष्ट्र में जिला उपायुक्त के पद पर आसीन हैं। गांव के ओमप्रकाश, दिलबाग सिंह व कुंदलाल कर्नल रैंक से सेवानिवृत्त हैं। इस बारे में सरपंच राजदुलारी ने बताया कि हमारा गांव बहुत ही ऐतिहासिक गांव है। वीर जवानों की भूमि कहा जाता है। वे सरपंच पद पर रहते हुए गांव के विकास कार्यों को गति दे रही हैं। उनका प्रयास गांव में हर प्रकार की सुविधा लाने का है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें