शिक्षा के लिए बेटियां सड़क पर उतर आईं। उन्होंने विरोध जताते हुए बाजार में एक-एक दुकान पर जाकर भीख भी मांगी। आखिर माजरा क्या है? जानिए तस्वीरों में।
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अरे! छात्राएं बीच बाजार भीख क्यों मांग रही हैं? तस्वीरें
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दरअसल, कांग्रेस सरकार ने 2014 में खंड अध्यापक शिक्षण संस्थान (बाइट) शुरू किए थे। अब शिक्षा विभाग ने धन की कमी बताकर सिरसा के बाइट संस्थान को बंद कर दिया है। इसके विरोध में छात्राओं ने केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और और पंफलेट बांटकर लोगों से सहयोग की अपील की।
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छात्राओं ने प्रदर्शन के दौरान दुकानदारों और राहगीरों से भीख मांगी, जिसे सरकार को भेजा जाएगा ताकि संस्थान चलाने के लिए धन की कमी आडे़ न आए। प्रदर्शनकारियों ने बाद में अंबेडकर चौक पर मुख्यमंत्री का पुतला फूंका और जमकर नारेबाजी की।
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बाजार में भीख मांगने के बाद छात्राओं ने लघु सचिवालय की ओर कूच किया। छात्राओं को देख लघु सचिवालय के सभी गेट बंद कर दिए और सभी गेटों पर महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती कर दी गई।
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छात्राओं ने मेन गेट पर पहुंचकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और लघु सचिवालय के गेट पर लगे बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के लगे पोस्टरों को भी फाड़ दिया। गर्मी की अधिकता के चलते इस दौरान दो छात्राएं बेसुध हो गईं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
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इस दौरान छात्राओं को समझाने के लिए पुलिस भी आई। कई आला अधिकारी भी पहुंचे, लेकिन छात्राएं नहीं मानीं। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि सरकार जब बेटियों की समस्याएं दूर नहीं कर सकती तो ऐसी सरकार को बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ का नारा वापस ले लेना चाहिए।
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प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों ने बताया कि वर्ष 2014 में कांग्रेस सरकार द्वारा चार पिछड़े जिलों में खंड अध्यापक शिक्षण संस्थान खोले गए थे। अब करीब 18 माह बाद सरकार द्वारा इन संस्थानों को बंद करने की बात कही जा रही है। उन्होंने बताया कि इस संस्थान में करीब जिले के सैकड़ों विद्यार्थी प्रशिक्षण लेने आते हैं। संस्थान के बंद हो जाने पर विद्यार्थियों को मेवात में स्थित प्रशिक्षण केंद्र में जाना पड़ेगा, जोकि हर विद्यार्थी व उनके अभिभावकों के लिए संभव नहीं हैं।