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'कबतक हमारे जवान मरते रहेंगे, पाकिस्तान को करारा जवाब मिलना चाहिए'

Mon, 25 Dec 2017 10:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
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Amritsar News
धोखे से कायर वार करते हैं, हिम्मत है तो सामने आकर जंग लड़े। ये शब्द एक शहीद जवान की पत्नी के हैं...
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राजौरी के केरी सेक्टर में शनिवार दोपहर करीब 12 बजे भारतीय सेना के जवान पेट्रोलिंग कर रहे थे। इसी बीच अचानक पाकिस्तान ने फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग की चपेट में आने से अमृतसर के कुठनंगल थाने के तहत गांव अल्केरा के लांस नायक गुरमेल सिंह (34), तलवंडी साबो (बठिंडा) के गांव कोरेयाना के जवान कुलदीप सिंह, करनाल (हरियाणा) के परगट सिंह (30) और महाराष्ट्र के मेजर महारकर प्रफुल्ल अम्बादास (32) शहीद हो गए।
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गुरमेल सिंह 2005 में सेना में भर्ती हुए थे। उनके परिवार में पत्नी कुलजीत कौर और सात साल की बेटी रिपनदीप कौर हैं। गुरमेल की शहादत की खबर उसकी पत्नी कुलजीत कौर को शनिवार रात करीब आठ बजे मिली। गांव के लोग गुरमेल के घर पर जमा हो गए। वहीं रविवार देर शाम गुरमेल सिंह का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया।

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शहीद लांस नायक गुरमेल सिंह
कुलजीत कौर का कहना था कि पति की शहादत देश के लिए है, मेरे पति देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए है। पाकिस्तान को करारा जवाब मिलना चाहिए। उसमें हिम्मत है तो सामने आकर जंग लड़े। धोखे से वार कायर करते हैं। गुरमेल सिंह ने अपने कुल को जीत लिया है।
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शहीद लांस नायक गुरमेल सिंह
तेरह साल पहले कुलजीत कौर की शादी गुरमेल सिंह से हुई थी। दोनों की आठ साल की बेटी है। उसे गुरमेल सिंह बिट्टी कहकर बुलाते थे। कुलजीत कौर के पास पीली पगड़ी, पीले कोट में वो आखिरी तस्वीर है, जो बीती 10 दिसंबर को मोबाइल से खींची थी। कुलजीत ने शादी का सेहरा भी संभाल कर रखा है।
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पाक गोलीबारी में परगट सिंह शहीद
उनका कहना है कि यह मेरे जीने का सहारा है। अब उनके पास गुरमेल की यादें ही हैं, जिसे वह सहेज कर आखिरी सांस तक रखेंगी। उन्होंने कहा कि वाहे गुरु जी, मुझे हर जन्म में गुरमेल सिंह ही पति बनाना। उनके चरणों में मेरा हर जन्म गुजरे।
 
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शहीद लांस नायक गुरमेल सिंह
आठ साल की बिट्टी आज खामोश थी। मौत और शहादत से अंजान। उसे केवल यह पता था कि अब उसके पापा कभी उसे मिलने नहीं आएंगे और न ही उसके लिए चॉकलेट लाएंगे। बिट्टी परिवार को रोते देख रोने लगी और कहने लगी कि अब उसे बिट्टी कौन पुकारेगा। उसे शहादत की खबर के बाद से ही कमरे में ले जाया गया। हालांकि रोने की आवाज सुनकर वह रात भर रोती रही।
 
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