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Pics: मातम में बदला माहौल, जब एक साथ जलीं चार मासूमों की चिताएं, रो पड़ा हर शख्स

Sun, 16 Feb 2020 08:19 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, संगरूर (पंजाब)
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- फोटो : अमर उजाला
पंजाब के संगरूर में शनिवार (15 फरवरी) को 22 साल पुरानी निजी स्कूल की वैन आग का गोला बन गई थी। इस हादसे में छुट्टी के बाद घर लौट रहे चार मासूम जिंदा जल गए। मृतकों में तीन लड़कियां और एक लड़का शामिल है। जब एक साथ चार चिताएं जली तो हर एक इंसान अपने आंसू नहीं रोक पाया। 
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चार मासूमों की गई थी जान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
चारों तरफ गमगीन माहौल पसरा हुआ है। बाजार भी बंद हैं। कस्बा लौंगोवाल में स्कूल वैन में आग लगने से मारे गए चारों मासूमों का रविवार को एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। संस्कार के दौरान बस चीख पुकार सुनाई दे रही थी। शनिवार दोपहर लौंगोवाल स्थित सिमरन निजी स्कूल की वैन बच्चों को छुट्टी के बाद घर छोड़ने जा रही थी। गुरुद्वारा सिद्ध समाधां के पास वैन में आग लग गई। वैन में 12 बच्चे सवार थे। वैन म्यूजिक टीचर दलवीर चला रहा था। आग लगने का उसे पता नहीं चल पाया। लोगों ने भागकर वैन को रुकवाया। 
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- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जैसे ही चालक बाहर निकला आग भड़क गई। किसी तरह आठ बच्चों को बाहर निकाला गया। हादसे में चार बच्चे राधना (4), कमलप्रीत कौर (साढे़ चार), नवजोत कौर (चार) और सिमरनजीत सिंह (5) की जलने से मौत हो गई। जिन बच्चों को वैन से बाहर निकाला गया उनमें अमनदीप कौर (13), अनमोल प्रीत कौर (5), मनवीर सिंह (5),सहज प्रीत सिंह (साढे़ 4), सतगुर सिंह (5), प्रिया (5), अर्शदीप कौर (5) करनवीर सिंह (साढे़ 4) शामिल हैं। दूसरी तरफ हादसे के बाद पुलिस की ओर से हिरासत में लिए गए स्कूल के अध्यापक व अन्य स्टाफ के आठ लोगों को रिहा कर दिया गया है।

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स्कूल मालिक लखविंदर सिंह लक्की व ड्राइवर दलवीर सिंह को पुलिस ने शनिवार को ही संगरूर के सिविल अस्पताल से हिरासत में ले लिया गया था। जिस वैन में यह हादसा हुआ वह बेहद खराब हालत में थी। उधर, सिमरन पब्लिक स्कूल में शनिवार को वैन हादसे में चार बच्चों की मौत से लोगों में स्कूल प्रबंधकों के खिलाफ रोष है। रविवार होने के चलते स्कूल बंद था लेकिन एहतियात के तौर पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया था। वहीं थाना लौंगोवाल में क्यूआरटी टीम के साथ वाटर कैनन को भी तैनात किया गया था। इसके अलावा अतिरिक्त पुलिस बल को थाने में रखा गया है ताकि किसी अप्रिय घटना को टाला जा सके। 
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गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार।
लोगों का कहना है कि अगर स्कूल प्रबंधक अपने स्वार्थ को देखते 20 हजार रुपये में कबाड़ वैन लेकर ना आते तो यह हादसा टल सकता था। वहीं प्रशासन भी ऐसे स्कूलों के खिलाफ पहले से कार्रवाई करने में मुस्तैदी नहीं दिखाता है। लोगों में बढ़ते आक्रोश को देखते ऐसा होने की संभावना जताई जा रही है कि सोमवार को परिजन कुछ कर सकते हैं। इस बात को देखते हुए प्रशासन ने इंतजाम किए हुए हैं। हादसे के बाद छात्र और परिजन इस बात को लेकर असमंजस में है कि अब स्कूल का क्या बनेगा। प्रिंसिपल समेत प्रबंधकों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। सोमवार से नौवीं कक्षा के छात्रों के पेपर शुरू होने थे। सभी का एक ही सवाल है कि आखिरकार अब बच्चों के पेपर कैसे होंगे और आगे चलकर स्कूल का क्या होगा।
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