इस समय हर तरफ रक्षाबंधन का उत्साह है लेकिन एक परिवार ऐसा भी है जिसने पिछले 52 साल से रक्षाबंधन का त्यौहार नहीं मनाया है।
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सैनिक के परिवार ने 52 साल से नहीं मनाया रक्षाबंधन
दरअसल, यह परिवार 1965 के भारत-पाक युद्ध का हिस्सा रहे सेना के जवान सुजान सिंह का है। परिवार का दावा है कि सुजान सिंह को युद्ध के दौरान पाकिस्तान ने बंदी बना लिया था, तब से सुजान सिंह पाक जेल में बंद हैं। उनके गम में परिवार ने 52 वर्षों से रक्षाबंधन का त्यौहार नहीं मनाया है।
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सैनिक के परिवार ने 52 साल से नहीं मनाया रक्षाबंधन
गांव बरनाला निवासी सुजान सिंह 1965 के युद्ध में छंब जौडिय़ा के देबा बटाला सेक्टर बतौर वायरलेस आपरेटर तैनात थे। सुजान सिंह के पाक जेल में होने की सूचना परिवार को 1970 में मिली। इसके बाद सुजान सिंह की बहनों ने पाक जेल में रक्षाबंधन के त्यौहार पर राखियां भेजीं। राखियां वापस आ गईं। इसके बाद से सुजान सिंह के परिवार ने रक्षाबंधन का त्यौहार नहीं मनाया।
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सेना में सिपाही सुजान सिंह के भाई महिंदर सिंह, भाभी कौशल्या देवी, बहन प्रकाशो देवी व मेलो देवी ने बताया कि 1965 के युद्ध समाप्ति की घोषणा के बाद जब उनके भाई नहीं लौटे तो परिवार को किसी अनहोनी का भय सताने लगा। सबसे ज्यादा हताश सुजान सिंह की नई नवेली दुल्हन तारो देवी हुई, जिसके हाथों की मेहंदी का रंग भी फीका नही हुआ था। सुजान सिंह के पाकिस्तान जेल में बंद होने की जानकारी परिवार को 1970 में उस समय मिली, जब जेल से लिखा खत उन्हें मिला।
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इसके बाद 6 जुलाई 1970 को अमृतसर के गांव साहोवाल के दो कैदी पाक जेल से रिहा होकर वतन लौटे तो उन्होंने सुजान सिंह के सियालकोट (पाकिस्तान) जेल में बंद होने की पुष्टि की। उस समय राखी का त्यौहार आने पर बहन प्रकाशो देवी व मेलो देवी ने सुजान सिंह को राखी भेजी। वह राखी वापस आ गई। तब से लेकर परिवार ने राखी का त्यौहार नहीं मनाया है। परिवार चाहता है कि यह त्यौहार वह सुजान सिंह की वतन वापसी पर ही मनाए। परिवार के लोग कहते है अगर वह नहीं लौटे तो कभी भी इस त्यौहार को नहीं मनाएंगे।
परिवार के साथ दुख सांझा करने पहुंचे शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के महासचिव कुंवर रविंदर सिंह विक्की ने बताया कि सुजान सिंह भारत-पाक युद्ध के उन युद्धबंदियो में शामिल है, जिन पर आज भी पाकिस्तान की जेल में जुल्म किए जा रहे है और यह परिवार वर्षों से सुजान सिंह की रिहाई के लिए सरकार से गुहार लगा रहा है। इस अवसर नवदीप सिंह, लखविंदर सिंह, दमनप्रीत सिंह, जसप्रीत सिंह, अरविंद सिंह मौजूद थे।