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सरकारी स्कूल से पढ़े हैं नए चीफ जस्टिस, जानिए उनकी 10 अनकही बातें

Thu, 08 Dec 2016 05:25 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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सरकारी स्कूल से पढ़े हैं नए चीफ जस्टिस - फोटो : File Photo
मूल रूप से चंडीगढ़ निवासी जगदीश सिंह खेहर नए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया बनेंगे। उन्होंने सरकारी स्कूल-कॉलेज से ही पढ़ाई की है। जानिए, 10 अनकही बातें।
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जस्टिस खेहर - फोटो : SELF
28 अगस्त 1952 को जन्मे जस्टिस जगदीश सिंह खेहड़ ने सेक्टर-16 मॉडल स्कूल से पढ़ाई की। वर्ष 1974 में चंडीगढ़ के गवर्नमेंट कॉलेज से साइंस में ग्रेजुएशन किया ।
1977 में पंजाब यूनिवर्ससिटी से एलएलबी किया। वर्ष 1979 में एलएलएम किया। वर्ष 1979 में वकालत शुरू की। 1992 में पंजाब में अतिरिक्त महाधिवक्ता नियुक्त किया गया।  1995 में वरिष्ठ वकील बने।

08 फरवरी 1999 : पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के बेंच में जस्टिस खेहर की पदोन्नति हुई। 
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सरकारी स्कूल से पढ़े हैं नए चीफ जस्टिस
2008 और 2009 में वे पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के दो बार एक्टिंग चीफ जस्टिस रहे। इसके बाद 2009 में ही वे उत्तराखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस बने। 2010 में जस्टिस खेहर का ट्रांसफर कर्नाटक हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के तौर पर किया गया। 2011 में वो सुप्रीम कोर्ट के जज बने। इसके बाद अब वो 4 जनवरी 2017 को भारत के चीफ जस्टिस पद की शपथ लेंगे। जस्टिस खेहर का चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया बनना पंजाबियों के लिए बड़े गर्व की बात है। 

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64 वर्षीय जस्टिस खेहर सुप्रीम कोर्ट के जजों में सबसे वरिष्ठ हैं। वह सिख समुदाय के पहले जस्टिस होंगे, जो भारत के मुख्य न्यायाधीश बनेंगे। वर्तमान मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर 3 जनवरी, 2017 को अपना पद छोड़ेंगे। जस्टिस खेहर को 4 जनवरी, 2017 को देश के मुख्य न्यायाधीश के पद की शपथ दिलाई जाएगी। उनका कार्यकाल सात महीने यानी 27 अगस्त 2017 तक होगा। जस्टिस खेहर बड़े हैं और कॉलेज में स्टूडेंट्स उनकी बड़ी इज्जत करते थे। 
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सुप्रीम कोर्ट के सीनियर जस्टिस जगदीश सिंह खेहर का पंजाब यूनिवर्सिटी से गहरा नाता रहा है। जस्टिस खेहर ने पंजाब यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई की और कई वर्षों तक लॉ विभाग में प्रोफेसर भी रहे हैं।  जस्टिस खेहर ने 1977 में लॉ की डिग्री हासिल की। 1979 में एलएलएम डिग्री में खेहर ने गोल्ड मेडल हासिल किया था। वकालत के अलावा जस्टिस खेहर ने 1980 से 1986 तक लॉ विभाग में बतौर प्रोफेसर सेवाएं दी हैं। खेहर ने पीयू से खास लगाव होने की बात कही थी।  
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बकौल, जस्टिस खेहर, इस सरजमीं ने मुझे सोचना सिखाया और बड़े ख्वाब देखने सिखाए, जिंदगी के 11 साल मैंने यही बिताए हैं। पहले स्टूडेंट और फिर कुछ साल यहीं पर टीचर के तौर पर। इस सरजमीं ने मुझे सोचना सिखाया, बड़े ख्वाब देखने सिखाए और यही वजह है कि जब मुझे यहां आने के लिए कहा गया तो मैंने इस मंच पर लौटने में अपना सम्मान समझा। इन शब्दों को कहते हुए भावी चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जगदीश सिंह खेहर भावुक हो गए थे। 
 
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एक अक्टूबर को लॉ कन्वोकेशन में जस्टिस खेहर ने अपनी सफलता का श्रेय पीयू कैंपस को देते हुए कहा था कि यदि मैं कर सकता हूं तो आप भी कर सकते हैं। उनके शपथ ग्रहण समारोह में वाइस चांसलर प्रो. अरुण ग्रोवर और लॉ डिपार्टमेंट के हेड प्रो. विजय नागपाल भी शामिल होंगे। वीसी ग्रोवर ने कहा कि ये हमारे लिए बड़े सम्मान की बात है कि देशी के सर्वोच्च कानूनी पद पर पीयू के एल्युमनी होंगे। खेहर की बहू प्राण खेहर इस समय पीयू के डिपार्टमेंट ऑफ लॉ में एलएलबी फाइनल ईयर की स्टूडेंट हैं।
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