फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सलवार सूट पहन रिंग में खली की चेली को पीटा था, अब करने जा रही ये काम...जज्बे को सलाम

Thu, 17 Jan 2019 01:15 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
विज्ञापन
1 of 6
कविता दलाल
सलवार सूट पहनकर रिंग में द ग्रेटी खली की चेली को पीटने वाली वो महिला याद है, वो अब एक ऐसा काम करने जा रही है, जानकर आप भी उसके जज्बे को सलाम करेंगे।
विज्ञापन

2 of 6
कविता दलाल
हम बात कर रहे हैं पहलवान कविता दलाल की, जो कहती हैं कि जब उन्होंने पहलवानी करनी शुरू की थी, तब मेरे परिवार को लोगों के तानों का सामना करना पड़ा था। ऐसा किसी अन्य महिला के साथ न हो, इसी उद्देश्य से वे रोहतक में जल्दी ही एक एकेडमी खोलने जा रही हैं। इसके लिए रोहतक शहर में ही एक जगह की तलाश की जा रही है।
विज्ञापन

3 of 6
कविता दलाल
कविता एमडीयू के खेल परिसर में डब्ल्यूडब्ल्यूई के ट्रायल के लिए पहुंची थी। इस ट्रायल में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए 105 युवाओं ने भाग लिया। प्रतिभागियों का साक्षात्कार देश की पहली डब्ल्यूडब्ल्यूई पहलवान कविता देवी व डब्ल्यूडब्ल्यूई के निदेशक कैनयोन सिमेन ने लिया। अब चुने गए सभी प्रतिभागी तीन से पांच मार्च तक मुम्बई में फाइनल ट्रायल देंगे।

4 of 6
कविता दलाल
कविता दलाल ने बताया कि उनकी एकेडमी में किसी भी खेल की महिला खिलाड़ी आकर फ्री अभ्यास कर सकेगी। मैंने और मेरे परिवार ने यहां तक पहुंचने के लिए बहुत संघर्ष किया है। मेरे खुद के चाचा-ताऊ तथा समाज ने काफी विरोध किया। मेरे मां-बाप अनपढ़ हैं तथा पांच भाई-बहनों को पढ़ाना उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण था। फिर भी उन्होंने मुझे प्रोत्साहित किया।
विज्ञापन

5 of 6
कविता दलाल
कविता ने बताया कि वे परिवार के साथ डब्ल्यूडब्ल्यूई का मैच देखने पहुंची थी। वहां एक महिला रेसलर ने ओपन चैलेंज कर दिया। उन्होंने इस चैलेंज को स्वीकार कर लिया। इस मैच में वे सूट सलवार पहने हुए ही रिंग में उतर गई थी, लेकिन उन्होंने इस मैच को जीत भी लिया था। इस मैच की वीडियो को लोगों ने सोशल मीडिया व यू-ट्यूब पर लाखों की संख्या में देखा।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
डब्ल्यूडब्ल्यूई रेसलर कविता दलाल
एक सवाल का जवाब देते हुए कविता दलाल ने कहा कि हर किसी को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग करनी चाहिए। खिलाड़ियों के साथ-साथ अन्य युवकों और युवतियों को भी सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग लेनी चाहिए। लड़कियां किसी भी मामले में लड़कों से कम नहीं हैं, लेकिन हमारे समाज में लड़कियों को कमजोर होने का अहसास करवाया जाता है, जो सही नहीं है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें