कृषि कानूनों को रद्द कराने के लिए सिंघु बॉर्डर पर 27 नवंबर से किसान धरने पर बैठे हैं। केंद्र से हर वार्ता बेनतीजा रही है। आंदोलन कब तक चलेगा, कोई नही जानता। ऐसे में धरने पर बैठे किसानों ने अपनी दिनचर्या तय कर ली है। किसान आंदोलन में दिन की शुरुआत शबद कीर्तन से होती है। फिर चाय नाश्ते के बाद धरना। लंगर में सेवा करने के बाद किसान ताश खेलते हैं, हुक्का गुड़गुड़ाते हैं और फिर शाम के खाने की तैयारी हो जाती है। रात में सेहत फिट रखने के लिए काजू-बादाम वाला दूध भी जरूर पिया जाता है।