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किसान का बेटा कॉमनवेल्थ गेम्स में चमका, रच दिया ऐसा इतिहास, मां-बाप के आंसू छलके

Sun, 22 Apr 2018 03:38 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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दीपक लाठर
होनहार बेटे ने ऐसा इतिहास रच दिया कि मां-बाप का सिर फक्र से ऊंचा हो गया। उनकी आंखों में आंसू छलक पड़े, जानिए कौन है वो शख्स।
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दीपक लाठर
हम बात कर रहे हैं हरियाणा में जींद जिले के गांव शादीपुर निवासी दीपक लाठर की। दीपक ने गोल्ड कोस्ट में चल रहे 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स में वेटलिफ्टिंग में 69 किग्रा कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल जीता है। दीपक ने स्नैच के पहले ही प्रयास में 132 किग्रा का वजन उठाया। दूसरे प्रयास में उन्होंने 136 किग्रा उठाया। कुल मिलाकर दीपक ने कुल 295 किलोग्राम वजन उठाकर देश को दूसरे दिन एक और मेडल दिलाने में कामयाब रहे।
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दीपक लाठर
बता दें कि शुक्रवार को हुए इस मुकाबले में कुल 299 किग्रा के साथ वेल्स के वेटलिफ्टर को गोल्ड मिला। वहीं, 297 किग्रा के साथ श्रीलंका के वेटलिफ्टर ने सिल्वर मेडल जीता। बता दें कि खेल के पहले भारत के स्टार बॉक्सर मनोज कुमार ने 69 किग्रा भार वर्ग में अपना पहला मुकाबला जीता। मनोज कुमार ने साल 2010 में दिल्ली में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था।

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दीपक लाठर
दूसरी ओर, दीपक के मेडल जीतने के बाद परिवार में खुशी का माहौल है। मां-बाप खुशी से फूले नहीं समा रहे। नाच गाकर जश्न मनाया जा रहा है, मिठाईयां बांटी जा रही हैं। दीपक की मां कहती हैं कि बेटे ने उनका मान बढ़ाया है। देश का मान बढ़ाया है, उन्हें बेटे पर गर्व है। वहीं पिता का कहना है कि दीपक ने उनका सीना गर्व से चौड़ा कर दिया, ऐसा बेटा भगवान हर किसी को दे।
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दीपक लाठर
दीपक के पिता बिजेंद्र लाठर बताते हैं कि उसने 8 साल पहले विदेशी कोच सलाह से वेटलिफ्टिंग शुरू की थी। वैसे भी दीपक वजन उठाने में मजबूत है। बचपन में वह अकेला खेत में चारे की 50 किलो की गठड़ी उठा लेता था। 2009 में उसने गांव के स्कूल से ही पांचवीं कक्षा पास की और उसके बाद आर्मी स्पोर्टस इंस्टीट़्यूट पूना में दीपक का सेलेक्शन हो गया। वहां विदेशी कोच जार्ज गुबला ने दीपक को वेटलिफ्टिंग करने की सलाह दी।
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दीपक लाठर
कोच ने दीपक से कहा था कि अगर वह मेहनत के साथ प्रैक्टिस करेगा तो एक दिन बड़ा वेटलिफ्टर बनेगा। दीपक ने इस सलाह पर अमल करते हुए प्रैक्टिस शुरू की और नतीजा आज सभी के सामने है। पिता ने बताया कि दीपक को 15 वर्ष की उम्र में उसके द्वारा हासिल की गई उपलब्धि पर 2015 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा बेस्ट चाइल्ड अवार्ड देकर सम्मानित किया गया था।
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दीपक लाठर
पिता बताते हैं कि वेटलिफ्टिंग में दीपक के नाम नेशनल रिकार्ड दर्ज है। उसने 2015 में पूणे में नेशनल यूथ कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में वेटलिफ्टिंग के तीनों भार वर्ग में सबसे अधिक वजन उठाने का रिकार्ड बनाया है। यह उसने स्नैच में 120 किलोग्राम, क्लीन जर्क में 141 व कुल 261 किलोग्राम भार उठाकर सभी प्रतिद्वंदी वेटलिफ्टर को पछाड़ दिया था। इस पर दीपक को सीनियर, यूथ व जूनियर वर्ग में गोल्ड मेडल हासिल हुए।
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दीपक लाठर
दीपक लाठर ने 2017 में दक्षिण कोरिया में हुए एशिया कप में 69 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक, 2017 में ही आस्ट्रेलिया में हुई कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में 69 किलोग्राम में यूथ व जूनियर में गोल्ड और सीनियर में कांस्य पदक जीता था। आज 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीतना बहुत बड़ी उपलब्धि है। पूरे गांव को, देश को, मां-बाप को दीपक की इस सफलता पर गर्व है।
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