अमृतसर बम धमाका
निर्मल कौर ने बताया कि धमाके की आवाज सुनकर उसका तो दिमाग ही सुन्न हो गया था। वह छेहरटा से सत्संग सुनने के लिए हर हफ्ते यहां आती हैं। राजप्रीत कौर के अनुसार उसका बेटा इस आतंकी हमले में बाल-बाल बच गया। वह सत्संग के बीच में ही उठ कर चला गया था। वह भी पहली पंक्ति में बैठा था। गुरुनानक देश अस्पताल में सिमरन जीत कौर, आकाशदीप सिंह, जसबीर कौर, लाल बिहारी, हरविंदर सिंह, कुलदीप सिंह, निर्मल कौर, सुरजीत कौर, कुलविंदर कौर, गगनदीप सिंह और हरजोत सिंह का इलाज चल रहा है।
भवन के बाहर खड़े सेवादार श्रद्धालुओं को भवन के भीतर जाने के लिए रास्ता बता रहे थे। एक घंटे के सत्संग के बाद दो नौजवान मोटर साइकिल में भवन के बाहर पहुंचे। सेवादारों ने हाथ जोड़कर उनका अभिनंदन किया। गर्म लोइयां लपेटे दोनों नौजवानों को मोटर साइकिल एक तरफ पार्किंग करने के लिए कहा गया। दोनों ने अपना मुंह लोई से ढका था। अचानक एक युवक मोटर साइकिल से उतरा और उसने सेवादार की कमर पर पिस्तौल लगाकर उसे चुप रहने की धमकी दी।