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90 फीसदी नंबर लाने हैं तो ये 9 नंबरी फार्मूला अपनाएं, अचूक बाण है कोई नहीं बताएगा

Mon, 12 Mar 2018 08:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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Examination 2018
देश भर के स्टूडेंट्स के लिए बड़े काम का टिप, अगर एग्जाम में 90 फीसदी नंबर लाने हैं तो ये 9 नंबरी फार्मूला अपनाएं, टेंशन लेने की जरूरत ही नहीं।
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Exam schedule
परीक्षा के दिनों में बच्चे कहीं तनाव में ना आ जाएं और दिमाग में बोझ बना लें, इसके लिए एक्सपर्ट काउंसलर्स भी रणनीति तैयार करने में जुटे हुए हैं। ऐसा ही एक 9 नंबरी फार्मूला बनाया है सेक्टर-40 गवर्नमेंट सीनियर स्कूल की सीनियर काउंसलर सुनीता कपूर ने।
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उन्होंने परीक्षा की तैयारी के संयोजित अंदाज में करने की योजना बनाई है, जो 90 फीसदी और उससे ज्यादा नंबर लाने का अचूक बाण बन सकती है। इसमें समय पर स्टडी पूरी करने, आसान से मुश्किल पाठ की ओर बढ़ने, मैथ और साइंस में पांच से दस सवाल रोजाना हल करने और एनसीईआरटी की किताबों पर ध्यान देने के टिप्स दिए गए हैं।

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कुछ ऐसा है फार्मूला. . .
शुरुआत जल्दी- स्टूडेंट देर रात में पढ़ाई शुरू करते हैं और सुबह तक पढ़ते हैं। यह ठीक नहीं। इसके बजाए रात में जल्दी पढ़ाई शुरु करनी चाहिए। ताकि सोने का पर्याप्त समय मिल सके।
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कलर कोड- हर विषय को एक कलर कोड देना चाहिए। सभी विषयों को बराबर टाइम टेबल में बांटकर पर्याप्त समय देना चाहिए।
प्लानिंग- एक दम से खुद को झोंक नहीं देना है। पहलुओं को पहले समझें फिर शुरू करें।
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टारगेट तय करें- हर विषय में क्या-क्या पढ़ना है, इसके लिए टारगेट एक पेपर पर उतारें। फिर उसी टारगेट पाठ्यक्रम पर मेहनत करें।
स्पेसिफिक- इसमें तीन नंबर प्वाइंट के आधार पर काम करें। जैसे कि विशेष पाठ पढ़ना प्लान किया है, तो उस पर एक रूपता से अध्ययन करें।

 
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शेड्यूल- हर एक विषय के लिए शेड्यूल बनाएं। विषय के लिए समय तय किया जाए।
ब्रेक- सिर्फ पढ़ाई में ही नहीं डूबना, ब्रेक जरूरी है। हर घंटे की पढ़ाई के बाद पांच से दस मिनट का ब्रेक जरूरी है। इसमें खाना-पीना किया जा सकता है।
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मिक्सअप- सिर्फ एक विषय पर ही पांच-घंटे पढ़ाई नहीं करनी चाहिए। सभी विषयों को समायोजित करें, इसे बोरियत नहीं होगी।
फलेक्सीबल- टाइम टेबल कोई पत्थर पर लकीर नहीं है। फलेक्सीबल बनकर इसमें बदलाव लाया जा सकता है।

 
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