फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तस्वीरें: 'सिंघम' डीएसपी अतुल सोनी गायब, पीछे पड़ी है अपनी ही पुलिस, लटक रही ये तलवार

Wed, 05 Feb 2020 09:56 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
1 of 5
DSP Atul Soni - फोटो : फाइल फोटो
पत्नी पर गोली चलाने के बाद विवादों में घिरे डीएसपी अतुल सोनी की मुश्किले कम नहीं हो रही है। सरकार द्वारा सस्पेंड किए जाने के बाद अदालत ने उनकी गिरफ्तारी के वारंट जारी कर दिए हैं। जिसके बाद बुधवार को फेज-आठ थाने की पुलिस ने अतुल सोनी के सेक्टर-69 स्थित घर पर दबिश दी थी। 
विज्ञापन

2 of 5
DSP Atul Soni - फोटो : फाइल फोटो
इस दौरान अतुल सोनी के घर पर ताला लगा हुआ था। परिवार का कोई मेंबर नहीं मिला। जिसके बाद पुलिस की टीम वहां से खाली हाथ लौट आई। थाना फेज-आठ के एसएचओ शिवदीप सिंह ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि पुलिस की टीमें डीएसपी की तलाश में छापेमारी कर रही है। जल्दी ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
विज्ञापन

3 of 5
DSP Atul Soni - फोटो : फाइल फोटो
जानकारी 18 जनवरी को डीएसपी अतुल सोनी और उनकी पत्नी सुनीता सोनी चंडीगढ़ के एक डिस्क में गए थे। वहां पर उनका किसी बात को लेकर विवाद हो गया। दोनों में बहसबाजी और धक्का मुक्की तक हुई। इसके बाद दोनों मोहाली स्थित घर पहुंच गए। पत्नी ने आरोप लगाया था है कि घर पहुंचकर पति ने उससे मारपीट की और उस पर गोली तक चलाने की कोशिश की।

4 of 5
DSP Atul Soni - फोटो : फाइल फोटो
पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने अतुल सोनी के खिलाफ आईपीसी की धारा 323 (हमला), 307 (हत्या का प्रयास), 498-ए (घरेलू हिंसा) और आर्म्स एक्ट के तहत फेज-अठ थाने में केस दर्ज किया गया है। केस दर्ज होने के अगले दिन ही पत्नी ने एफिडेबिट जारी कर दिया था। साथ ही आरोप लगाया था कि पुलिस ने खुद ही फायरिंग वाली बात एफआईआर में दर्ज कर ली थी। हालांकि पुलिस का कहना है कि सोनी की पत्नी ने खुद लिखित में शिकायत दी थी। उनके पास हथियार को सुपुर्द करने के समय की वीडियो भी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
DSP Atul Soni - फोटो : फाइल फोटो
हथियार के बारे में अभी जानकारी हसिल करनी है। वहीं, जिन धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। इसके बाद मोहाली डीएसपी ने उक्त केस में जमानत के लिए मोहाली अदालत में एप्लीकेशन लगाई थी। अदालत ने उसे कैंसिल कर दिया था। फिर डीएसपी ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। वहां पर उन्हें निराशा हाथ लगी थी। वहीं, इसी बीच पुलिस विभाग की सिफारिश के बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें