डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम के 'करीबी' खट्टा का कबूलनामा पढ़िए। अब वह बाबा, डेरा और हनीप्रीत के वो राज उगलेगा, जो आज तक दफन हैं।
विज्ञापन
2 of 8
राम रहीम और खट्टा सिंह
सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकार रामचंद्र छत्रपति और डेरा समर्थक रंजीत सिंह की हत्या के मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के पूर्व ड्राइवर खट्टा सिंह को फिर से बयान दर्ज कराने की इजाजत दे दी है। न्यायमूर्ति एके सिकरी की अध्यक्षता वाली पीठ ने शुक्रवार को डेरा प्रमुख की पंजाब एवं हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है।
विज्ञापन
3 of 8
राम रहीम
बता दें कि पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने खट्टा सिंह को दोहरे हत्या में फिर से बयान दर्ज कराने की इजाजत दी थी और पंचकूला कोर्ट ने 5 मई शनिवार को बयान देने के लिए बुला लिया। लेकिन राम रहीम को यह गंवारा नहीं है। इसके खिलाफ राम रहीम की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल की गई है। इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 7 मई को सुनवाई होगी।
4 of 8
Ram Rahim
डेरा प्रमुख की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा ने पीठ के समक्ष कहा कि खट्टा सिंह ने वर्ष 2012 में सीबीआई के समक्ष बयान दिया था कि उसे राम रहीम के खिलाफ बयान देने का दबाव डाला जा रहा है। खट्टा सिंह कह चुका है कि उसे इन मामलों में डेरा प्रमुख की भूमिका के बारे में कोई जानकारी नहीं है। ऐसे में उसे दोबारा बयान दर्ज कराने की अनुमति न दी जाए। लेकिन पीठ ने हाईकोर्ट के फैसले में दखल देने से इनकार कर दिया।
विज्ञापन
5 of 8
Ram Rahim
गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने दोहरे हत्याकांड में खट्टा सिंह की गवाही को लेकर आदेश दिया था कि दोनों ही मामलों में राम रहीम के पूर्व ड्राइवर खट्टा सिंह की फिर से गवाही होगी। खट्टा सिंह ने याचिका दाखिल करते हुए कहा कि वह रणजीत सिंह और पत्रकार छत्रपति की हत्या के समय डेरे मे मौजूद था। उस दौरान ही इन घटनाओं को अंजाम दिया गया था और उस दौरान उसने अपने बयान भी दर्ज करवाए थे।
विज्ञापन
6 of 8
Ram Rahim
खट्टा सिंह ने याचिका में कहा था कि बाद में डर और दबाव के कारण उसे बयान बदलने पड़े, क्योंकि डेरा बहुत शक्तिशाली था और उसके अंधभक्त कुछ भी करने को तैयार थे। सरकारों का डेरे को पूरा समर्थन प्राप्त था। क्योंकि अब साध्वी यौन शोषण मामले में राम रहीम को सजा सुनाई जा चुकी है और उसको कोई डर नहीं है। ऐसे में वह इस मामले में गवाही देना चाहता है क्योंकि उसकी गवाही बेहद अहम है।
विज्ञापन
7 of 8
Ram Rahim
ये था रणजीत सिंह मर्डर केस
10 जुलाई 2002 को डेरे की प्रबंधन समिति के सदस्य रहे कुरुक्षेत्र के रणजीत का मर्डर हुआ था। डेरा प्रबंधन को शक था कि रणजीत ने साध्वी यौन शोषण की गुमनाम चिट्ठी अपनी बहन से ही लिखवाई थी। पुलिस जांच से असंतुष्ट रणजीत के पिता ने जनवरी 2003 में हाई कोर्ट में याचिका दायर कर सीबीआई जांच की मांग की थी।
ये था रामचंद्र छत्रपति मर्डर केस
छत्रपति अपने अखबार 'पूरा सच' में अक्सर डेरा सच्चा सौदा में हो रहे अन्याय और अत्याचार के बारे में लिखा करते थे। 'पूरा सच' अखबार ने ही साध्वी का वो खत छापा था जिसमें सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय में महिलाओं का यौन उत्पीड़न की बात लिखी गई थी। उन्हें 24 अक्तूबर 2002 में गोली मार दी गई थी। हत्या के पीछे राम रहीम को बताया गया। रामचंद्र छत्रपति को पांच गोलियां मारी गई थी, जिसके बाद 21 नवंबर 2002 को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई।