डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम के 'करीबी' ड्राइवर खट्टा सिंह ने आखिरकार बाबा और हनीप्रीत के राज खोल ही दिए, पढ़िए कबूलनामा।
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राम रहीम और खट्टा सिंह
पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्या मामले में शनिवार को विशेष सीबीआई अदालत में खट्टा सिंह ने बड़ा खुलासा किया। अदालत में अपने बयान में खटटा सिंह ने कहा कि 23 अक्तूबर को सत्संग से सिरसा लौटने पर राम रहीम ने पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के लिए कृष्ण लाल, निर्मल सिंह और कुलदीप को आदेश दिए थे।
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खट्टा सिंह
- फोटो : SELF
जैसे ही साध्वियों के यौन शोषण से संबंधित खबर कृष्ण ने डेरा प्रमुख को दिखाई, उसने मौत का फरमान जारी कर दिया। डेरा प्रमुख के ड्राइवर खट्टा सिंह ने अपनी गवाही में कहा कि मेरे सामने ही छत्रपति की हत्या के आदेश दिए गए थे। ठीक एक दिन बाद गोलियों से पत्रकार की हत्या कर दी गई थी।
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राम रहीम
खट्टा सिंह ने बताया कि उस वक्त डेरा प्रमुख और उसके समर्थकों का डर था, लेकिन गुरमीत राम रहीम के जेल पहुंचने के बाद इस मामले की सच्चाई अदालत के समक्ष रखी गई है ताकि हत्या के इस मामले में इंसाफ मिल सके। इस मामले की अगली सुनवाई के लिए अदालत ने आठ मई की तारीख तय की है।
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राम रहीम
मुकरने के लिए मांगी माफी
खट्टा सिंह ने पहले बयान से मुकरने को लेकर माफी मांगते हुए कहा कि इस मामले में पूरी सच्चाई रखेंगे। अदालत को बताया कि उनकी जान को खतरा है। अदालत ने डीसीपी पंचकूला और एसएसपी मोहाली को सुरक्षा मुहैया करवाने को कहा है ताकि निडर होकर खट्टा सिंह अपने बयान दर्ज करवा सकें।
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राम रहीम
- फोटो : self
वकील नवकिरण सिंह ने बताया कि इस मामले में खट्टा सिंह के बयान दर्ज किए गए। अदालत में खट्टा सिंह ने माना कि डेरा प्रमुख और समर्थकों के डर से उस वक्त अपने बयान दर्ज नहीं करवा पाए थे। लेकिन, गुरमीत राम रहीम को सजा सुनाए जाने के बाद हत्या के इस मामले की पूरी सच्चाई अदालत में रख दी है।
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छत्रपति का बेटा अंशुल
बेटा बोला- खट्टा सिंह के पास हैं अहम जानकारियां
रामचंद्र छत्रपति के पुत्र अंशुल ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनके पिता की हत्या मामले में खट्टा सिंह एक अहम गवाह हैं। 2011 में वह अपने बयान से मुकर गए थे, लेकिन 25 अगस्त, 2017 को साध्वी यौन शोषण मामले में डेरा प्रमुख को दोषी करार दिए जाने के बाद पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से मिली मंजूरी के बाद खट्टा सिंह ने सीबीआई कोर्ट में अपने बयान दर्ज कराए हैं।
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Ram Rahim
अंशुल ने बताया कि चूंकि खट्टा सिंह उस वक्त डेरा प्रमुख के ड्राइवर थे, इसलिए उनके पिता की हत्या की साजिश में डेरा प्रमुख की भूमिका के बारे में पूरी जानकारी है। गवाही के बाद आठ मई को डेरा के पूर्व प्रबंधक रंजीत सिंह हत्या मामले में गवाही देंगे। इसके बाद हत्या के दोनों मामले में सीबीआई क्रॉस एक्जामिन करेगी।
अंशुल ने बताया कि 24 अक्तूबर, 2002 को उनके पिता रामचंद्र छत्रपति की हत्या कर दी गई थी। इस मामले के आरोपियों के बारे में खट्टा सिंह के पास अहम जानकारियां हैं। गवाही के बाद उन्हें अदालत से न्याय का इंतजार है।