इस नौजवान के जज्बे को सलाम कीजिए, इसके हाथों और पैरों में उंगलियां नहीं हैं, फिर भी वह मुश्किल से मुश्किल कैच पकड़ने में माहिर है। जानिए इनके बारे में सब कुछ।
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क्रिकेटर रमेश नायड़ू
- फोटो : अमर उजाला
भारतीय दिव्यांग टीम के खिलाड़ी रमेश फिलहाल इंग्लैंड में होने वाले दिव्यांग क्रिकेट विश्व कप की तैयारियों में जुटे हैं। ऑल इंडिया क्रिकेट एसोसिएशन फॉर दा फिजिकल चैलेंज्ड की ओर से अगस्त माह में इंग्लैंड में विश्वकप खेला जाएगा। तमिलनाडु निवासी क्रिकेटर रमेश नायडू को भगवान ने हाथों और पैर की उंगलियां जन्म से ही नहीं दी, लेकिन फिर भी उसने हिम्मत नहीं हारी और मेहनत करके अपना एक अलग मुकाम बनाया।
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क्रिकेटर रमेश नायड़ू
- फोटो : अमर उजाला
रमेश भारतीय क्रिकेट टीम में शामिल होकर अगस्त में वर्ल्ड कप खेलने जा रहे हैं। गौरतलब है की 24 वर्षीय रमेश नायडू हाल ही में भिवानी में ऑल इंडिया क्रिकेट एसोसिएशन फॉर दा फिजिकल चैलेंज्ड के पदाधिकारियों से मिलने आए थे। यहां उनकी गजब की हिम्मत और जज्बे से भरी कहानी सुनकर हर कोई हैरान रह गया। रमेश बचपन से ही दिव्यांग है, लेकिन उसने हिम्मत नहीं छोड़ी।
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क्रिकेटर रमेश नायड़ू
- फोटो : अमर उजाला
रमेश के दोनों हाथों और पैरों में उंगलियां और अंगूठे नहीं हैं, लेकिन फिर भी वे क्रिकेट के मैदान में लेदर की गेंद को लपक लेने का हौसला रखते हैं। यहीं नहीं रमेश के एक पैर का पूरा पंजा नहीं है। वे एक पैर से और बिना उंगलियों के सहारे लेग स्पिन बॉलिंग करता है और साथ में जबरदस्त बल्लेबाजी भी करता है। उनका अब तक सर्वाधिक स्कोर 78 रन है और एक पारी में पांच विकेट लेने का रिकॉर्ड भी है।
रमेश ने आईआईटी एग्जाम में 41वीं रैंक हासिल की थी। इस समय वह एमटेक कर रहे हैं। रमेश नायडू ने कहा कि उन्हें अपनी दिव्यांगता पर कोई मलाल नहीं है। वे 10 वर्ष से क्रिकेट खेल रहे हैं, लेकिन जब वे चार वर्ष पहले पीसीसीएआई से जुड़े तो उनमें कुछ करने की हिम्मत जगी और वे उसी जज्बे को लेकर इंग्लैंड में पहला वर्ल्ड कप खेलने जा रहे हैं। अब उनका सपना है कि वे वर्ल्ड कप जीत कर ही आएं।