मिस्बा हाशमी को सम्मानित करते हरियाणा के सीएम।
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वे अंदर पहुंचे ही थे कि बाहर से तेज आवाज आने लगी और उन्हें खुद की जान भी खतरे में नजर आने लगी। पांच घंटे उन्होंने खौफ में गुजारे। भय के मारे सभी के गले सूखे थे, उनके पास पीने का पानी तक नहीं था। मिस्बा ने बताया कि मोबाइल से उसने युवाओं की टीम को रेस्क्यू करने के लिए ट्वीट भी किया लेकिन बाहर के हालात खराब थे। उन्होंने बताया कि सभी को इस बात का डर था कि कहीं उपद्रवी अंदर आ गए तो कुछ भी अनहोनी हो सकती थी, क्योंकि टीम में काफी संख्या में लड़कियां भी शामिल थीं और उनके पास किसी तरह का हथियार, पत्थर या डंडा भी नहीं था। हालांकि एक दो सुरक्षाकर्मी उनके पास मौजूद थे।