पिछले सप्ताह अधिकारियों ने जब बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी टेली-कान्फ्रेंसिंग के जरिए सरपंचों से बात करेंगे इनमें वो भी शामिल हैं तो चंडीगढ़ के गांव दड़वा के सरपंच गुरप्रीत सिंह हैप्पी काफी खुश हुए। एक सप्ताह से बात करने के रिहर्सल के बावजूद सरपंचों का सपना अधूरा रह गया जब सभा समाप्त कर मोदी हाथ हिलाते हुए मंच से रवाना हो गए।
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डिजिटल इंडिया: मोदी से बात करने की राह ताकते रह गए सरपंच
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बुधवार शाम चार बज से छह बजे तक टीवी पर नजरें गड़ाए, पसीने से तरबतर हैप्पी मोदी से बात करने का इंतजार करते रहे। डिजिटल इंडिया के नाम पर कराई जाने वाली इस बातचीत के लिए एक सप्ताह से अधिकारी उन्हें तामझाम में उलझाए हुए थे। पंचायत घर में होलोग्राफिक कांफ्रेंसिंग के लिए मंगलवार रात एक बजे तक चार बार रिहर्सल करवाई गई।
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रिहर्सल तो फिट रही मगर ठीक सरकारी अंदाज में रात में ही होलोग्राफिक सिस्टम दगा दे गया। इसके बाद कहा गया कि वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए मोदी बात करेंगे, मगर यह बात कोरी झूठ निकली। सरपंच गुरप्रीत सिंह ने कहा कि मोदी से बात करवाने के बहाने उन्हें तो बस बड़े उद्योगपतियों का भाषण ही सुनवाया गया। यह ठीक नहीं है। इसकी जांच होनी चाहिए। प्रधानमंत्री से हमें अपने गांव के विकास के लिए बात करनी थी।
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सरपंच गुरप्रीत सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री से हमें लाल डोरा की सीमा बढ़ाने के साथ ही साथ लाल डोरा के बाहर बने मकानों को नियमित कराने की बात करनी थी जो अधूरी रह गई। पंचायत समिति के चेयरमैन शिंगारा सिंह का कहना है कि यह मायूस करनेवाली बात है। पीएम से बात नहीं हो पाई इसलिए नाराजगी है।
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टेली कान्फ्रेंसिंग के जरिए सरपंचों की प्रधानमंत्री से बातचीत न हो पाने पर भारत ब्राडबैंड नेटवर्क लिमिटेड (बीबीएनएल) के अधिकारी भी मुंह छुपाते दिखे। वे एक सप्ताह से तैयारियां करवा रहे थे। बातचीत न हो पाने के बाद उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा कि हमें तो दिल्ली से आदेश मिला था, इसलिए तैयारियां करवा रहे थे।
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ग्राम पंचायत को इस टेली कान्फ्रेंसिंग के लिए अपने खर्च पर टेंट, साउंड सिस्टम और चाय का इंतजाम करना पड़ा। इसमें करीब पचास हजार रुपये खर्च हुए। हैप्पी ने बताया कि सिर्फ उद्योगपतियों की बात सुनाने के लिए पंचायतों को सरपंचों को बरगला कर बोझ डाला गया।