ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय सेना ने टेक्निकल फ्यूचर वॉर पर फोकस बढ़ा दिया है। जासूसी से लेकर हमलों तक में इस्तेमाल होने वाली नई मानव रहित हवाई वाहन तकनीक यानी ड्रोन के निर्माण पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है।
खास बात यह कि विभिन्न सैन्य इकाइयों के अंतर्गत इंजीनियरिंग, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल व एविएशन विंगों के विशेषज्ञ ही देश निर्मित ड्रोन बनाने में जुटे हुए हैं। एडवांस तकनीकों से लैस कई ड्रोन तैयार भी कर लिए गए हैं। इनमें से कुछ ऑपरेशनल हो चुके हैं जबकि कुछ को तकनीकी मंजूरी मिल गई है। वे भी जल्द ऑपरेशनल हो जाएंगे।