करोड़ों लोगों के 'पिता जी' डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम जब जेल पहुंचे तो कारागार का गेट देखकर उन्हें पसीना आ गया था, उसके बाद जानिए क्या हालत हुई।
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- फोटो : अमर उजाला
साध्वी रेप केस में राम रहीम को 25 अगस्त दिन शुक्रवार को दोषी करार दिया गया। फिर पंचकूला कोर्ट से उन्हें रोहतक पीटीसी सेंटर लाया गया। यहां गेस्ट हाउस में रखा गया, फिर दो घंटे बाद जेल ले जाने के आदेश आ गए। हालांकि राम रहीम ने ये नहीं पूछा कि कहां ले जा रहे हैं, लेकिन जैसे ही गाड़ी सुनारिया जेल में एंटर हुई, कारागार का गेट देखकर बाबा को पसीना आ गया। उनके गले से आवाज ही नहीं निकल पाई, जबकि वे कुछ बोलना चाहते थे।
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Ram Rahim Jail
उसके बाद रात को राम रहीम जेल में बेचैन रहे। उन्हें पूरी रात नींद नहीं आई, इसलिए वे रात भर टहलते रहे। खाना भी नहीं खाया, लेकिन रात में दो बजे एक गिलास दूध पिया। शनिवार की सुबह डेरा प्रमुख ने ग्रीन टी के साथ दिन की शुरुआत की। ग्रीन टी पीने के बाद डेरा प्रमुख कुछ देर के लिए ध्यान करने बैठा। डेरा प्रमुख के साथ एक अन्य बंदी बंद है। ध्यान के बाद डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने साथ में बंद बंदी से कुछ देर तक बातचीत की।
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Ram Rahim
बातचीत करने के बाद जेल प्रशासन की ओर से राम रहीम को दोपहर के खाने में दाल, आलू की सब्जी और दो रोटी दी गई। डेरा प्रमुख ने दाल से एक रोटी खाई। खाना खाने के बाद वह करीब 20 मिनट तक घूमे। जेल प्रशासन का दावा है कि राम रहीम को जेल में ही बनने वाला खाना दिया जा रहा है। उनके लिए अलग से कोई व्यवस्था नहीं की गई है। हालांकि डॉक्टरों की सलाह पर राम रहीम को आरओ का पानी पिलाया जा रहा है।
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शनिवार शाम तक राम रहीम जेल में टहलता रहा। सुरक्षा के लिहाज से उन्हें अन्य बंदियों से दूर रखा गया है। वह सुनारिया जेल में आने वाला 1997वां व्यक्ति है। जेल सुरक्षा की जिम्मेदारी विशेष तौर पर आईजी जगजीत सिंह को सौंपी गई है। जेल अधीक्षक सुनील सांगवान ने बताया कि राम रहीम को अलग से कोई सुविधा नहीं दी गई है। वह सामान्य बंदियों की तरह जेल में है। उसकी गतिविधियों पर निगरानी के लिए चार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
जेल अधीक्षक सुनील सांगवान ने बताया कि जेल में जैसी सुविधाएं सभी कैदियों को मिल रही है उन्हें भी वही मुहैया कराई जा रही है।जेल में कैदी हर शख्स पांच लोगों से मिलने की दरख्वास्त दे सकता है। राम रहीम को भी यही सुविधा दी जाएगी। डीजीपी ने माना कि बाबा राम रहीम जैसे हाई-प्रोफाइल कैदी को सुरक्षित जेल में रखना चुनौती है। यही वजह है कि उनकी सुरक्षा के कुछ खास इंतजाम किए। ताकि कोई दूसरा कैदी उन्हें नुकसान नहीं पहुंचा सके।