हम आपको एक लड़की की कहानी सुना रहे हैं, जो ऐसी मुश्किल में फंसी है कि उसे समझ नहीं आ रही कि पढ़ाई करे या छोड़ दे। जानिए क्या हुआ है इसके साथ?
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रेप पीड़िता लड़की
घटना हरियाणा के सिरसा की है। यहां एक एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ने वाली 12वीं क्लास की छात्रा अगर स्कूल जाती है तो एक मनचला युवक उसके पीछे लग जाता है। अगर नहीं जाती तो स्कूल प्रशासन स्कूल में न आने पर नाम काटने का दबाव बनाता है। इसी फेर में उलझी छात्रा ने पुलिस को सारी कहानी बयां कर दी। सच्चाई सुनकर पुलिस तो हैरान हुई ही, लड़की के घरवालों के पैरों तले से जमीन खिसक गई।
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रेप पीड़िता लड़की
मिली जानकारी के अनुसार, साल 2016 के जुलाई महीने में एक लड़के ने इस लड़की के साथ रेप किया था। हेडक्वार्टर डीएसपी विजय कक्कड़ के आदेश पर में महिला थाने की पुलिस ने मंगलवार देर रात विक्टिम लड़की के बयान दर्ज किए। उसके बाद मेडिकल करवाया जिसमें रेप की पुष्टि हो गई। मेडिकल के आधार पर महिला थाना पुलिस ने आरोपी युवक टींकू उर्फ मंगल के खिलाफ रेप का केस दर्ज कर लिया।
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रेप पीड़िता लड़की
एसपी सतेंद्र कुमार गुप्ता के सख्त आदेश के चलते एफआईआर हुए 12 घंटे ही बीते थे कि बुधवार दोपहर को पुलिस ने आरोपी टिंकू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस को दी शिकायत में छात्रा ने बताया कि आरोपी टिंकू उर्फ मंगल उसे काफी समय से परेशान कर रहा है। स्कूल से आते जाते उसे छेड़ता था। उसके डर के चलते वह घबरा गई। उसने उसे बहला फुसला लिया। उसके बाद उसके साथ जुलाई 2016 में रेप किया।
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रेप पीड़िता लड़की
छात्रा ने बताया कि युवक ने उसे किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी। समाज में बदनामी के चलते वह डर गई और अपने परिजनों से भी रेप की बात छुपा ली। परिवार वालों को सिर्फ छेड़छाड़ करने व तंग करने की बात कही। उसके बाद वह उसे ब्लैकमेल करने लगा। इस एवज में उसने उससे करीब एक तोला सोने के गहने भी ले लिए। उसके बाद उसने 30 हजार रुपये की नकदी की भी मांग की। उन्होंने उस समय पुलिस में शिकायत दी थी।
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रेप पीड़िता लड़की
छात्रा ने बताया कि बदनामी होने के डर से शिकायत वापिस ले ली गई और परिजनों ने छात्रा को चार महीने के लिए बुआ के पास श्रीगंगानगर भेज दिया, ताकि युवक उसका पीछा छोड़ दे। मगर बीती 26 जनवरी को वह परीक्षाएं देने के लिए लौटी तो वह युवक फिर से उसका पीछा करने लगा। आखिर तंग आकर छात्रा और उसके परिजन पुलिस में शिकायत देने पहुंचे, लेकिन यहां उनकी सुनवाई नहीं हुई।
दरअसल महिला थाना प्रभारी किसी केस के सिलसिले में बाहर गई हुई थी। पीछे से थाने की एक महिला पुलिसकर्मी ने छात्रा पर पर ही झूठ बोलने का आरोप लगा दिया। इतना ही नहीं छात्रा को यह भी कहा गया कि पहले लड़के को बुलाकर आमने-सामने किया जाएगा। परिजन छात्रा को लेकर कभी सिटी थाना तो कभी महिला थाना घूमते रहे। अब वे डीएसपी के पास पहुंचे है। यहां से मामला एसपी के संज्ञान में लाया गया और उन्होंने कार्रवाई को आदेश दे दिए।