फेसबुक पोस्ट पर कही बदला लेने की बात।
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सोनू अपने दोस्त बलजिंदर औलख को मिलने उसके घर आया था। डीसीपी जगमोहन सिंह ने बताया कि बलजिंदर और गुरमीत औलख आपस में चचेरे भाई हैं और दोनों की नहीं बनती। वारदात वाली रात भी दोनों के बीच गाड़ी टकराने को लेकर मामूली सा विवाद हुआ। सोनू रुड़का बीच-बचाव कर रहा था तो गुरमीत सिंह औलख, जो नशे में धुत बताया जा रहा था, ने लाइसेंसी पिस्तौल से सोनू रुड़का को गोली मार दी। गोली सीधी छाती में लगी, जिससे वह मौके पर ही ढेर हो गया। दूसरी गोली उसने बलजिंदर को मारी लेकिन वह उसकी माता कुलजीत कौर की जांघ में लगी। इसके बाद उसने फिर गोली चलाई जो बलजिंदर के हाथ में लगी।