ब्रिगेडियर (रिटायर्ड) जगदीश गगनेजा की हालत अभी स्थिर बनी हुई है, लेकिन उनके लिवर में एक गोली फंसी हुई है। इसके चलते उन्हें रविवार को डीएमसी लुधियाना शिफ्ट कर दिया गया। तस्वीरें।
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ब्रिगेडियर गगनेजा पर हमला संवेदनशील घटना : अरोड़ा
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वहीं डीजीपी कानून व्यवस्था हरदीप सिंह ढिल्लों रविवार को जालंधर पहुंचे। उन्होंने एडीजीपी आईपीएस सहोता, आईजीपी निर्लभ किशोर, कमिश्नर अर्पित शुक्ला, एआईजी हरजीत बाजवा के साथ घटनास्थल का दौरा किया। डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने शाम को जालंधर पीएपी में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने काउंटर इंटेलिजेंस और पंजाब इंटेलिजेंस ब्यूरो के अलावा ब्यूरो आफ इंवेस्टिगेशन के अधिकारियों के साथ भी बात की। डीजीपी ने ब्रिगेडियर गगनेजा की हत्या की कोशिश के मामले में एसआईटी का गठन कर दिया है।
इसमें एडीजीपी आईपीएस सहोता, आईजीपी निर्लभ किशोर, कमिश्नर अर्पित शुक्ला, एआईजी अमरजीत बाजवा को शामिल किया गया है। एसआईटी के तमाम अधिकारियों ने रविवार को वारदात स्थल का दौरा किया और क्राइम सीन को देखा। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि गोली 32 बोर की रिवाल्वर से चली थी। आरोपियों ने पास से छह गोलियां चलाई हैं, जिसमें से तीन ब्रिगेडियर गगनेजा को जा लगी। शनिवार रात को ब्रिगेडियर गगनेजा की सर्जरी कर दो गोलियां निकाल दी गई।
एजेंसी की ओर से कोई ऐसी चेतावनी नहीं थी
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अंदरूनी खून का बहाव अधिक होने से स्कैन में साफ नहीं आ रहा था। खून की सफाई के बाद सामने आया कि एक गोली लीवर के बीच लगी हुई है। शनिवार देर रात लुधियाना से स्पेशल डॉक्टरों की टीम पटेल अस्पताल पहुंची। उन्होंने गगनेजा की जांच की। हालत को देखते हुए रविवार को उनको डीएमसी लुधियाना शिफ्ट करने का फैसला लिया गया। इसके लिए एक एंबुलेंस लुधियाना से मंगवाई गई, जिसमें दो चिकित्सक भी थे।
डीजीपी सुरेश अरोड़ा रविवार शाम को ज्योति चौक के पास उस स्थान पर पहुंचे, जहां ब्रिगेडियर गगनेजा को गोलियां मारी गई थीं। उन्होंने कहा कि किसी एजेंसी की ओर से कोई ऐसी चेतावनी नहीं थी कि पंजाब में आरएसएस नेता पर हमला हो सकता है। उन्होंने कहा कि यह काफी संवेदनशील घटना है और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की टीमें जांच कर रही है।