मेरी मनमीत मैन्नू माफ करीं। जिंदगी विच्चों दुख दा अंत शायद इसे तरां ही है... 5 पेज के सुसाइड नोट में अपना दर्द उड़ेला और हॉकी प्लेयर ने मौत को गले लगा लिया।
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पांच पेजों का सुसाइड नोट छोड़कर हॉकी प्लेयर ने जान दी
घटना चंडीगढ़ की है। पांच पेज का सुसाइड नोट लिखकर 40 साल की इंद्रजीत कौर ने फंदा लगा लिया। सुसाइड नोट में अपने पति, सास और देवर को अपनी मौत के लिए जिम्मेवार ठहराया है। पुलिस ने मृतका के परिजनों की शिकायत पर ससुराल वालों के खिलाफ मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। वहीं मां के दुनिया छोड़ कर चले जाने से 8 साल की मासूम मनमीत का रो-रोकर बुरा हाल है।
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पांच पेजों का सुसाइड नोट छोड़कर हॉकी प्लेयर ने जान दी
घटना के बाद स्कूल से घर लौटी बच्ची ने अपनी मां के बारे में पूछा। मामा कृपाल ने उससे बताया कि वह दादाजी के पास चली गई है और दोबारा कभी वापस लौटकर नहीं आएगी। इस पर 8 साल की मनमीत सुन्न हो गई। जब मामा ने बच्ची से पूछा कि वह क्या मम्मी को मिस कर रही और उसे देखना चाहती है इस पर मनमीत ने हल्के से सिर हिलाया। मामा ने फोन से उसकी मां की फोटो दिखाई तो मां को देखकर चूमने के बाद वह रोने लगी।
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पांच पेजों का सुसाइड नोट छोड़कर हॉकी प्लेयर ने जान दी
इंद्रजीत ने पंजाबी भाषा में पांच पेज के सुसाइड नोट में लिखा कि वह अपनी सास, पति और देवर की वजह से काफी परेशान थी। वह उसे लगातार परेशान कर रहे थे। उसने लिखा है कि देश में महिलाओं की सुनी जाती है, लेकिन जब भी वह वूमेन सेल सेक्टर-17 जाती थी तो पुलिस उससे सबूत मांगती थी। उसने लिखा है कि उसकी बेटी उसके ससुराल वालों को न दी जाए। इंद्रजीत ने अपने बड़े भाई को परवरिश के लिए बेटी दिए जाने को लिखा है।
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पांच पेजों का सुसाइड नोट छोड़कर हॉकी प्लेयर ने जान दी
मृतका के भाई कृपाल सिंह ने बताया कि उसकी बहन इंद्रजीत पढ़ी लिखी थी। स्कूल के टाइम में वह काफी अच्छी हॉकी की प्लेयर थी। पिंजौर के रहने वाले प्रवीण के साथ साल 2007 में इंद्रजीत की शादी हुई थी। शादी के बाद से ही उसके ससुराल वाले उसे दहेज के लिए परेशान करते थे। जिसकी शिकायत उन्होंने वूमन सेल में भी दे रखी थी। बताया गया कि इंद्रजीत कौर सेक्टर-51 में अपने माता-पिता और दो भाईयों के साथ पति से अलग रह रही थी।
पांच पेजों का सुसाइड नोट छोड़कर हॉकी प्लेयर ने जान दी
पुलिस के मुताबिक, सुसाइड दिन में की गई। उस समय इंद्रजीत के दोनों भाई कृपाल सिंह, यादविंदर सिंह, पिता प्रेम सिंह भाभी किसी काम से घर से बाहर गए हुए थे। इंद्रजीत की बेटी मनमीत स्कूल गई हुई थी। घटना के समय घर पर सिर्फ मां जसविंदर कौर ही थी। खुदकुशी करने के लिए इंद्रजीत ने सिर पर पहनने वाली पकड़ी का इस्तेमाल किया है। घर में काम करने वाली नौकरानी आई तो मामले का खुलासा हुआ।