आश्रम में बच्ची को गुमसुम बैठे देखा तो वो कारण पूछ बैठी। जवाब में बच्ची ने रो रोकर जुल्मों को वो दास्तां सुनाई कि वह ऊपर से नीचे तक सिहर उठी, पड़िए कहानी।
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बच्ची से यौन शोषण
- फोटो : demo pics
मामला हरियाणा के हिसार का है। एडीजे डॉ. पंकज की अदालत ने जिले के एक आश्रम में चर्चित यौन शोषण प्रकरण के आरोपी गोपाल दास को दोषी करार दिया है। दोषी केयर टेकर का भाई है। दोषी को कोर्ट शनिवार को सजा सुनाएगी। सदर थाना पुलिस ने इस संबंध में दो अक्तूबर 2015 में छेड़छाड़, मारपीट करने, अश्लील शब्द बोलने, रेप, पॉक्सो एवं जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत केस दर्ज किया था।
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डीसी की शिकायत पर हुआ था केस दर्ज
तत्कालीन डीसी चंद्रशेखर खरे ने केस दर्ज होने से तीन दिन पहले एसपी को शिकायत दी थी। आश्रम में दो किशोरियों के यौन शोषण की बात सामने आई थी। मामला महिला एवं बाल विकास विभाग और पुलिस के पास पहुंच गया था। महिला थाना पुलिस ने दोनों लड़कियों की सिविल अस्पताल में मेडिकल जांच कराई थी। पुलिस ने गोपाल, उसकी केयरटेकर बहन और एक अन्य युवक के खिलाफ कई धाराओं में केस दर्ज किया। गोपाल दास, विनोद और आश्रम से जुड़ी एक युवती को गिरफ्तार किया।
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एक्ट के अनुसार नहीं पाया गया आश्रम
प्रशासनिक और महिला एवं बाल विभाग के अधिकारियों ने आश्रम का दौरा किया था। टीम ने पाया था कि आश्रम में बच्चों के रहने वाली जगह जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के अनुसार नहीं है। उस समय आश्रम में रहने वाले 18 साल तक के लड़के-लड़कियों की संख्या लगभग 51 थी। प्रशासन ने महिला एवं बाल विकास विभाग दिल्ली को रिपोर्ट भेजी थी। आश्रम रजिस्टर्ड नहीं मिला था। यह मामला तब खूब चर्चित रहा था।
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यूं खुले थे राज
आश्रम में आठ मई वर्ष 2015 को स्टेट इंस्पेक्शन कमेटी की टीम आई थी। निरीक्षण के दौरान टीम ने एक किशोरी को उदासी की हालत में एक टेबल पर अकेले बैठे देखा था। ऑब्जर्वेशन के आधार पर टीम के एक सदस्य ने नाबालिग लड़की से पूछा कि क्या बात है बेटा, सब ठीक तो है। इस पर किशोरी ने केवल इतना कहा कि यहां कुछ ठीक नहीं। इससे ज्यादा उसने कोई बात नहीं की। आश्रम प्रबंधन से भी किशोरी के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि कुछ नहीं है, ये लड़की पागल है।
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फिर इंस्पेक्शन टीम तो चली गई, लेकिन टीम ने बाल संरक्षण अधिकारी को नाबालिग की काउंसिलिंग करवाकर मामले की जांच के आदेश दिए। अधिकारी ने सीपीओ मेंबर को जांच के लिए भेजा। काउंसिलिंग में किशोरी का मेंटल लेवल जांच गया जो ठीक पाया गया। उसने फिर पूरे मामले का खुलासा किया कि उसके साथ मानसिक और शारीरिक शोषण हो रहा है। ऐसा मेरे साथ ही नहीं कई लड़कियों के साथ हो रहा है। यहां किसी से शिकायत की जाती है तो उसे ही प्रताड़ित किया जाता है।
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ये बताया था किशोरी ने शिकायत में
किशोरी ने बताया था कि आश्रम की केयर टेकर का भाई गोपाल यहां आता-जाता था। वह अपनी बहन के पास मिलने के बहाने आता था। वह उसे गोशाला में किसी काम के बहाने ले गया। उसने उसके साथ जबरदस्ती की। विरोध किया तो मारपीट की और रेप किया। गोपाल पेशे से ऑटो चालक था। इस मामले की बात जब उसने केयर टेकर को बताई तो उसने केवल यह आश्वासन दिया कि उसे समझा देंगे। बात अधिक बढ़ी तो उसे प्रताड़ित भी किया गया।
ये सच्चाई की जीत है। मुझे बड़ी खुशी है कि एक बेसहारा बच्ची को न्याय मिला। मैंने जब शुरुआत में इसकी शिकायत की तो मुझे खूब परेशानी झेलनी पड़ी। मुझे टर्मिनेट तक कर दिया गया, लेकिन भगवान के घर में देर है अंधेर नहीं। मेरी तो न्यायालय से उम्मीद है कि ऐसे लोगों को कड़ी सजा दे।
- सुनीता यादव, सीपीओ