तस्वीरों में दिख रही ये लड़की पुलिस की वर्दी पहनकर पछता रही है। इसके पीछे की वजह बताते हुए उसने जो कहानी सुनाई, वो काफी दर्दनाक है।
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पुलिस में भर्ती के नाम पर युवती से लाखों की ठगी
मामला हरियाणा के यमुनानगर का है। सिर पर हरियाणा पुलिस की कैप और बैल्ट देखकर कोई भी नीतू को पुलिसवाली समझेगा, लेकिन सच कुछ और ही है। गांव गोलनी निवासी नीतू को गांव के ही एक युवक ने हरियाणा पुलिस में भर्ती कराने के नाम पर लाखों का चूना लगा दिया। वह गांव का दामाद लगता है।
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पुलिस में भर्ती के नाम पर युवती से लाखों की ठगी
अब नीतू और उसके पिता राजेश्वर वर्दी हाथों में लेकर सीएम विंडो पहुंचे और सरकार से मदद की गुहार लगाई। नीतू बताती हैं कि उनके गांव गोलनी में करनाल निवासी अजय का ससुराल है। अजय खुद को हरियाणा पुलिस में थानेदार बताता था। उसकी पत्नी भी पुलिस की ही वर्दी में उसके साथ अपने घर आती जाती थी।
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पुलिस में भर्ती के नाम पर युवती से लाखों की ठगी
नीतू ने बताया कि जैसे ही अजय को पता चला कि वह पुलिस में भर्ती होना चाहती है तो वह उनके घर पहुंच गया। उसने उसे पुलिस में भर्ती कराने का दावा किया। अजय के साथ उसकी पत्नी भी पुलिस वर्दी में आई थी। दोनों ने उसे पुलिस में भर्ती करवाने की बात बोलकर पिता राजेश्वर और परिवार को झांसे में ले लिया।
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पुलिस में भर्ती के नाम पर युवती से लाखों की ठगी
अजय ने उनसे नौकरी के बदले सवा चार लाख रुपए मांगे। पिता राजेश्वर ने बेटी की जिंदगी बनाने के लिए पशु बेच दिए। घर में रखे जेवर भी बेच दिए और 50-50 हजार की किश्तों में सवा चार लाख रुपए अजय को दे दिए। इसके बाद अजय नीतू को मेडिकल के लिए चंडीगढ़ भी ले गया और कुछ दिनों बाद उसे दराजपुर रेलवे स्टेशन बुलाया।
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पुलिस में भर्ती के नाम पर युवती से लाखों की ठगी
नीतू ने बताया कि जब वह रेलवे स्टेशन पहुंची तो अजय ने उसे पुलिस की वर्दी के साथ एक एटीएम कार्ड थमाया। साथ ही कहा कि इसमें उसकी सेलरी आएगी। नीतू यह सब लेकर घर आ गई। फिर उसने अजय को फोन करके ड्यूटी के बारे में पूछा तो वह ड्यूटी इधर से उधर लगाए जाने की बातें बोलकर गुमराह करता रहा।
नीतू ने बताया कि धीरे धीरे उन्हें इसमें गोलमाल लगने लगा, लेकिन इतना परिवार अजय के मंसूबों को समझ पाता बहुत देर हो चुकी थी। अब अजय ने राजेश्वर और नीतू के फोन उठाने भी बंद कर दिए है। वहीं बाप-बेटी ने सीएम विंडो पहुंचकर सरकार से मदद की गुहार लगाई है। अब देखना यह है कि उन्हें न्याय मिलता है या नहीं।