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दामाद बना हैवान: पत्नी और बच्चों समेत पांच को जिंदा जलाया, मरने से पहले महिला कह गई बड़ी बात

Wed, 19 Oct 2022 09:39 AM IST
ajay kumar सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
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मृतक और साथ में खड़ा आरोपी कुलदीप। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पंजाब के जालंधर में नशे के आदी एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी, दोनों बच्चों और सास-ससुर को पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जला दिया। इस हृदयविदारक घटना से गांव बीटला के लोग सन्न हैं। मुख्य आरोपी कुलदीप सिंह की तलाश में छापे मारे जा रहे हैं। देर रात उसके सहयोगी कुलविंदर को गिरफ्तार कर लिया गया। बीटला निवासी लखविंदर सिंह ने बताया कि उनके भाई सुरजन सिंह की छोटी बेटी परमजीत कौर की शादी गांव अरनीवाल निवासी चरणजीत सिंह से हुई थी। शादी के बाद परमजीत कौर के यहां बेटी अर्शदीप कौर (8) व बेटा अनमोल सिंह (5) पैदा हुए। चरणजीत सिंह की हादसे में मौत के बाद परमजीत दोनों बच्चों को लेकर मायके बीटला आकर रहने लगी। एक साल पहले परमजीत कौर की दूसरी शादी कुलदीप सिंह काली निवासी गांव खुरदैशपुर के साथ हुई। कुलदीप नशे का आदी था। उसके अत्याचारों से परेशान होकर परमजीत कौर दोनों बच्चों को लेकर फिर मायके आकर रहने लगी। कुलदीप काली कई बार शराब के नशे में धुत होकर गांव आता था और परमजीत कौर व उसके मायके वालों को गालियां देता था। नशा ही वारदात की वजह बना।
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घटनास्थल। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दूसरी शादी मौत तक लेकर गई
जालंधर सिटी से 33 किलोमीटर दूर गांव बीटला में सन्नाटा पसरा हुआ है। हर गांववासी के चेहरे पर दर्द साफ झलक रहा है। गांव में नर्म व अच्छे स्वभाव के माने जाने वाले मिस्त्री सुरजन सिंह व उनकी पत्नी समेत पांच लोगों को जिंदा जला दिया गया। गांव के पूर्व सरपंच लक्ष्मण सिंह का कहना है कि सुरजन ने बड़ी मेहनत से दोनों बेटियों को पाला पोसा और उनकी शादियां की थीं। परमजीत कौर की शादी का भी बढ़ा चाव था।राजमिस्त्री का काम करने वाले सुरजन सिंह ने दिन-रात मेहनत कर परमजीत कौर की शादी फाजिल्का निवासी चरणजीत सिंह से की थी। दामाद बहुत अच्छा भी था और मिलनसार भी लेकिन उसकी दुर्घटना में मौत के बाद परमजीत कौर पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
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आरोपी कुलदीप और मृतकों की फाइल फोटो। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बेटी परमजीत कौर विधवा होकर आ गई लेकिन सुरजन का बेटा सुच्चा सिंह नकोदर में ट्रैक्टर वर्कशॉप में काम करता था। शादी के बाद उसने अपने घर का दरवाजा दूसरी तरफ कर लिया था। सुच्चा सिंह अपनी पत्नी व बच्चों के साथ दूसरी तरफ रहने लगा था और सुरजन सिंह ने बेटी परमजीत कौर व बच्चों के लालन-पालन की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठा रखी थी। इस बीच किसी ने कुलदीप काली के रिश्ते की बात परमजीत कौर से चलाई। कुलदीप पेशे से ड्राइवर था और रेत की ढुलाई करता था। 

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मौके पर जांच करने पहुंची पुलिस।
पिटाई से परेशान परमजीत ने लिया था पिता के घर का सहारा
सुरजन सिंह को लगा कि अब पमरजीत कौर की जिंदगी फिर से बदल जाएगी और उसके बच्चों का जीवन संवर जाएगा। परमजीत कौर की शादी कुलदीप काली से कर दी लेकिन सुरजन सिंह को जरा भी अहसास नहीं था कि वह अपनी बेटी को उस जालिम के हवाले कर रहा है जो नशे का आदी है।परमजीत कौर को शादी के कुछ दिन बाद ही अहसास हो गया कि उसके साथ धोखा हो गया है। पिटाई का शिकार होने वाली परमजीत कौर ने फिर से अपने पिता सुरजन सिंह के घर का सहारा लिया। काली ने वहां पहुंच कर खौफनाक वारदात को अंजाम दे दिया। सरपंच हरमेश सिंह कहते हैं कि घटना से आसपास का पूरा इलाका स्तब्ध है। 
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इसी कमरे के अंदर लगाई आग। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मौत की कहानी वीडियो में सुना गई परमजीत कौर
आग से झुलसी परमजीत कौर को जब कमरे से निकाला गया तो उसकी हालत काफी गंभीर थी। गांव के एक व्यक्ति ने फोन पर उसका वीडियो बना लिया। वीडियो में उसने कहा कि रात को घर पर काली आया था। उसके साथ दो-तीन लोग और भी थे। काली और एक अन्य व्यक्ति घर के अंदर घुसे और दरवाजा बंद कर बाहर खड़े हो गए। काली कहने लगा कि अज्ज तुहानूं अग्ग ला के साड़ देणा। अज्ज तुहानूं साड़ के कम खत्म कर देणा। काली ने पेट्रोल डालकर सभी को आग लगा दी। परमजीत ने कहा कि काली के साथ कौन लोग थे, वह उनको नहीं जानती है। नशेड़ी कुलदीप का गांव खुरशैदपुर बीटला गांव से महज चार किलोमीटर दूर है। कुलदीप काली अपने साथ नशेड़ी लोगों को लेकर पैदल ही अपने ससुराल बीटला आया था। वहां हत्याकांड को अंजाम देकर पैदल ही निकल गया।
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