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इलाज के दौरान बच्चे की मौत, देखिए परिजनों ने अस्पताल का क्या हाल कर दिया?

Sun, 27 Nov 2016 02:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
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इलाज के दौरान बच्चे की मौत पर अस्पताल में तोड़-फोड़ - फोटो : अमर उजाला
इलाज के दौरान एक बच्चे की मौत हो गई। परिजनों ने स्टॉफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में तोड़फोड़ कर दी, देखिए।
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इलाज के दौरान बच्चे की मौत पर अस्पताल में तोड़-फोड़ - फोटो : अमर उजाला
मामला पंजाब के लुधियाना का है। जहां मॉडल टाऊन के प्रतिष्ठित दीप अस्पताल में शनिवार सुबह इलाज के दौरान छह साल के बच्चे की मौत हो गई। बच्चे के परिजनों ने उसकी मौत का कारण अस्पताल के स्टाफ को बताया और प्रदर्शन शुरू कर दिया। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में तोड़फोड़ की। 
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इलाज के दौरान बच्चे की मौत पर अस्पताल में तोड़-फोड़ - फोटो : अमर उजाला
सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चे के परिजनों को शांत कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद भड़के परिजनों ने मॉडल टाऊन रोड जाम कर अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। डीसीपी के कार्रवाई के आश्वासन पर प्रदर्शनकारी मान गए। पुलिस इस मामले में स्टाफ नर्स के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रही है। 

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इलाज के दौरान बच्चे की मौत पर अस्पताल में तोड़-फोड़ - फोटो : अमर उजाला
मृतक बच्चे शिवम की मां प्रीति ने कहा कि दो दिन से उसके बेटे की तबीयत खराब थी। उसने अपने बेटे को दीप अस्पताल के डाक्टर बलदीप के पास चेक कराया। उन्होंने उसे अस्पताल में दाखिल कर लिया। अस्पताल के डाक्टर कभी कहते कि उसे यह बीमारी है कभी कहते कि वह ठीक है। डाक्टरों ने उन्हें काफी अंधेरे में रखा। अस्पताल वाले जो बोलते रहे, वह अपने बच्चे को देते रहे। वह रोजाना बैंक से दो हजार रुपये निकलवा कर लाते और बेटे की दवाएं लाते। 
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इलाज के दौरान बच्चे की मौत पर अस्पताल में तोड़-फोड़
प्रीति ने कहा कि उसके बेटे की हालत ठीक नहीं थी, मगर डॉक्टर ने उनकी एक न सुनी। सुबह करीब तीन बजे उसके बेटे को सौ के करीब बुखार था। डाक्टरों की बताई हुई उसने दवाई दी तो पांच बजे वह ठीक हो गया था। साढ़े सात बजे के करीब वह जागा तो उसने अपने बेटे को खाने पीने के बारे में पूछा, लेकिन उसने कुछ खाने से मना कर दिया। 
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इलाज के दौरान बच्चे की मौत पर अस्पताल में तोड़-फोड़
कुछ समय बाद अस्पताल की स्टाफ नर्स ने ग्लूकोज में कोई टीका भरा। उसके बाद से उसके बेटे की तबीयत खराब होने लगी। उसके बेटे ने उससे कहा कि उसके शरीर में काफी दर्द हो रहा है। जब उसके बेटे को छींक आई तो उसके मुंह से खून आ गया। उसने इस बारे में स्टाफ नर्स को बताया तो किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया। वह अपने बेटे को खुद ही उठाकर इमरजेंसी वार्ड में ले गई, मगर वहां पर भी कोई इलाज नहीं हुआ। कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई। 
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इलाज के दौरान बच्चे की मौत पर अस्पताल में तोड़-फोड़
प्रीति ने आरोप लगाया कि उसके बेटे की मौत अस्पताल स्टाफ की वजह से हुई है। काफी तड़पने के बाद उनके बेटे की मौत हो गई। आधे घंटे तक कोई भी उनके बेटे को देखने के लिए नहीं आया, जिसके बाद उसने अपने परिजनों को इसकी जानकारी दी। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया और अस्पताल में तोड़-फोड़ कर दी। 

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इलाज के दौरान बच्चे की मौत पर अस्पताल में तोड़-फोड़
जांच के बाद कसूरवार के खिलाफ होगी कार्रवाई : डीसीपी
डीसीपी ध्रुमण निंबले ने कहा कि शिवम दो दिन पहले अस्पताल में दाखिल हुआ था। उसके परिजनों ने अभी यह आरोप लगाया है कि दवा की ओवरडोज देने के कारण उसकी तबीयत खराब हुई और उसकी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि इस मामले में कसूरवार के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश दे दिए गए हैं। पोस्टमार्टम के बाद जो सामने आएगा उसके हिसाब से कार्रवाई की जाएगी। 
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इलाज के दौरान बच्चे की मौत पर अस्पताल में तोड़-फोड़
आरोप गलत, कसूरवार के खिलाफ हो कार्रवाई : डॉ. बलदीप
दीप अस्पताल के डॉ. बलदीप सिंह ने कहा कि उन पर लगाए आरोप बेबुनियाद है। अस्पताल में बच्चे का इलाज सही चल रहा था। बच्चे की मौत कैसे हुई, उन्हें कुछ नहीं पता। उन्होंने कहा कि स्टाफ नर्स पर परिजनों ने आरोप लगाए हैं। पुलिस जांच कर रही है। वह भी चाहते हैं कि कसूरवार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि वह अस्पताल के अंदर तोड़ फोड़ करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कराएंगे। 
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