पिता की मौत और मां को खोने के बाद बेटी पुलिस में भर्ती हो गई थी, लेकिन वो फंदे पर झूली तो सड़क पर संग्राम हो गया। अंतिम संस्कार के बाद भी हंगामा जारी रहा
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Ludhiana suicide
कांस्टेबल अमनप्रीत कौर की खुदकुशी मामले में नामजद आरोपी जोधा थाना के मुख्य मुंशी निर्भय सिंह की गिरफ्तारी के बाद सोमवार दोपहर करीब ढाई बजे अमनप्रीत का उनके पैतृक गांव खंडूर में सरकारी सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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इससे पहले पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सैकड़ों लोग सोमवार सुबह गांव खंडूर में जमा होते गए। हालांकि एसएसपी सुरजीत सिंह और डीआईजी यूरिंदर सिंह हेयर ने संघर्ष कमेटी के नेताओं और प्रदर्शनकारियों को निर्भय सिंह की गिरफ्तारी की सूचना दे दी थी और अंतिम संस्कार की अपील की थी, लेकिन लोग भड़क गए। तरसेम जोधा, विधायक जगतार सिंह हिस्सोवाल की अध्यक्षता वाली संघर्ष कमेटी के मनाने से भी कोई असर न हुआ।
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इसके बाद प्रदर्शनकारी दो गुटों में बंट गए। उग्र हुए एक गुट ने संघर्ष कमेटी पर पुलिस से मिलीभगत का आरोप लगाकर जोधा कस्बे के चौक में जाकर लुधियाना रायकोट सड़क पर जाम लगा दिया। उग्र गुट ने जोधा का पूरा बाजार बंद करवा दिया। संघर्ष कमेटी का साथ देने वाला दूसरा गुट गांव खंडूर में शांतिपूर्ण तरीके से अंतिम संस्कार करवाने को राजी हो गया।
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उग्र गुट ने जोधा कस्बे में जाम लगाकर जबरदस्त हुड़दंग मचाया। हुड़दंग मचाने वालों ने पंजाब पुलिस की एक बस पर ईंट-पत्थर मारकर बस के शीशे तोड़ दिए। बस में बैठे कुछ पुलिस मुलाजिमों को मामूली चोटें भी आई। इसके अलावा हुड़दंगियों ने सुरक्षा के लिए नवांशहर से आए सिपाही विजय कुमार से भी हाथापाई की। डीआईजी यूरिंदर सिंह हेयर ने काफी मुश्किल से लोगों को थोड़ा शांत करवाया। इसके बावजूद उग्र भीड़ का यह गुट सुबह से दोपहर तक जोधा चौक में यातायात ठप
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मुख्य आरोपी को हवालात में देख माने परिजन
संघर्ष कमेटी के साथ गांव खंडूर में बैठे प्रदर्शनकारी और मृतक अमनप्रीत कौर के परिजन के साथ पुलिस उच्चाधिकारियों की बैठक के बाद परिजनों और संघर्ष कमेटी सदस्यों को थाना रायकोट सिटी ले जाकर हवालात में बंद आरोपी मुख्य मुंशी निर्भय सिंह दिखा दिया गया। हवालात में बंद निर्भय सिंह की तस्वीरें खींच कर खंडूर में प्रदर्शन कर रहे लोगों को दिखाई गई।
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खुद सजा देने पर अड़ा उग्र ग्रुप
दूसरी तरफ उग्र प्रदर्शनकारी, जिनमें अधिकतर नौजवान लड़के और कुछ महिलाएं थी, निर्भय सिंह को गांव खंडूर लाकर उसे खुद सजा देने की मांग पर अड़ गए। संघर्ष कमेटी ने काफी मुश्किल से परिवार और खंडूर में बैठे प्रदर्शनकारियों को संस्कार के लिए मना लिया। दोपहर दो बजे अमनप्रीत कौर के शव को शहीद करतार सिंह सराभा मैमोरियल कॉलेज एवं अस्पताल के शव गृह से सीधा खंडूर गांव के शमशान घाट ले जाया गया। आनन फानन में सिख मर्यादा के अनुसार होने वाली अंतिम रस्में भी नहीं की जा सकी क्योंकि जोधा में बैठे उग्र प्रदर्शनकारी पहले शव को जोधा और फिर मृतक के घर और बाद में शमशानघाट ले जाने पर अड़े हुए थे।
नौ जून को की थी आत्महत्या
अमनप्रीत ने नौ जून की रात को थाना जोधा की महिला बैरक में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। अंतिम संस्कार से पहले एसएसपी लुधियाना देहाती सुरजीत सिंह सहित तमाम उच्च पुलिस अधिकारियों और संघर्ष कमेटी के नेताओं ने अमनप्रीत को श्रद्धांजलि दी। पुलिस के पांच जवानों ने फायर कर अमनप्रीत को सलामी भी दी।