लोकसभा में असहिष्णुता पर चर्चा के दौरान सांसद किरण
खेर और सुप्रिया सुले में तीखी जुबानी जंग हुई। दोनों ने एक दूजे पर आरोप
लगाए। जानिए वे क्या बोलीं?
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असहिष्णुता के मुद्दे पर सुले-किरण खेर में ठनी, विवादित बोल
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चर्चा के दौरान सांसद खेर और सुप्रिया सुले में जुबानी जंग हुई। जवाब में सांसद खेर ने कहा कि दरअसल राजग की सरकार आते ही कुछ लोगों को असहिष्णुता का इंजेक्शन लग जाता है। सुले और किरण खेर एक दूसरे पर असहिष्णुता के मुद्दे पर नसीहतों का बरसात करती दिखीं।
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शुरुआत तब हुई जब सुले के भाषण के दौरान खेर ने उन्हें बार बार टोका। इस पर सुले ने खेर का नाम लिए बिना चुने प्रतिनिधियों को संसदीय शिष्टाचार सीखने की नसीहत दी। साथ ही यह भी कहा कि इस सरकार के वरिष्ठ मंत्री तो संयत हैं मगर अन्य में धीरज नहीं दिखता।
असहिष्णुता के मुद्दे पर सुले-किरण खेर में ठनी, विवादित बोल
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असहिष्णुता के सवाल पर किरण के पति अनुपम खेर का नाम लिए बिना सम्मान लौटाने वालों पर हमला करने वालों पर भी सुले ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि असहिष्णु लोगों द्वारा जान गंवाने वाले दाभोलकर, कलबुर्गी जैसे लोग देश की आत्मा थे।
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इसके जवाब में खेर ने कहा कि उनके पति ने जब अन्ना आंदोलन में सक्रिय योगदान दिया तो राकांपा कार्यकर्ताओं ने उनके घर पर पत्थर बरसाए। खेर ने आरोप लगाया कि मुंबई में पहले भी कई घटनाएं होती रही हैं। जब कांग्रेस सत्ता में थी फिल्म इंडस्ट्री ने बहुत असहिष्णुता झेली है।
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खेर ने कहा कि राहुल गांधी ने बेंगलुरु के कार्मल कॉलेज में बहुत अच्छी स्पीच दी थी। राहुल ने कहा था कि सब लोग मिलकर प्यार से काम करें। मैं यही कहना चाहती हूं कि आप हमसे नफरत न करें, न हमें आपसे नफरत करने पर मजबूर करें।
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किरण ने यूपीए के कार्यकाल की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि तब बुद्धिजीवी वर्ग ने विरोध क्यों नहीं जताया? इससे पहले चर्चा के दौरान सुप्रिया ने सरकार को कूटनीतिक अंदाज में घेरा।
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सुले ने पूछा कि छिटपुट घटनाओं पर बड़ी संख्या में सम्मान वापस करने वाले बुद्धिजीवियों ने गुजरात दंगों के दौरान ऐसा क्यों नहीं किया था। खुद ही इसका जवाब देते हुए सुले ने कहा कि तब देश के पीएम उदारवादी अटल बिहारी वाजपेयी थे। खुद वाजपेयी ने लोगों का भरोसा जीता था। उन्होंने राजधर्म की नसीहत दी थी।
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किरण खेर के संसद में बयान को लेकर ट्वीटर पर भी पक्ष और विपक्ष में लोग आ गए हैं। आप नेता संजय सिंह ने यूपीए सरकार के समय सीबीएफसी चेयरमैन के पद से अनुपम खेर के हटाए जाने के जिक्र से जुड़ा वीडियो अपलोड कर ट्वीट िकया है कि ये किरण खेर जी का असली दर्द।
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वहीं सिद्धार्थ भंडारी ने लिखा है किरण खेर की स्पीच पर गर्व है। अब्राह्म मलिक ने लिखा है कि अनुपम खेर जी मैंने आज जाना कि आप मोदी के इतना स्पोर्ट क्यों करते हैं, क्योंकि आपकी पत्नी किरण भाजपा की सांसद हैं।