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देखिए, ये हैं रियल संता-बंता, 18 साल बाद बदलेंगे नाम, पर क्यों?

Tue, 17 Nov 2015 08:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
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क्या आप जानते हैं कि चुटकुलों के प्रसिद्ध किरदार संता बंता रियल में दो सगे भाई गुरप्रीत व प्रभप्रीत हैं। 18 साल बाद अब दोनों ने नाम बदल लिया है। देखिए, क्यों?
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देखिए, ये हैं रियल संता-बंता, 18 साल बाद बदलेंगे नाम, पर क्यों?

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गुरप्रीत व प्रभप्रीत ने बताया कि संता-बंता के माध्यम से सिखों का मजाक उड़ाया जा रहा था, जिससे लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंच रही थी। इसे लेकर पिछले दिनों हाईकोर्ट में याचिका दायर कर संता-बंता जोक्स पर पाबंदी लगाने की मांग की गई थी। इसके बाद सिख तालमेल कमेटी ने दोनों भाइयों को अपना नाम बदलने को कहा, जिस पर उन्होंने अपना नाम बदल लिया।
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संता बता ने अपना नाम बदल कर शुगली-जुगली रखने का एलान किया है। बीते 30 से ज्यादा सालों में कॉमेडी करने वाले संता-बंता ने इस नाम को अलविदा कह दिया है। उन्होंने यह फैसला उनके नाम पर बन रहे अश्लील चुटकुलों से आहत होकर लिया है। संता-बंता का नाम लेकर लोगों की ओर से सिख समुदाय को टारगेट कर उनका मजाक बनाया जाता था।

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संता-बंता एक लंबे समय से लोगों को हंसाने का काम कर रहे हैं। वैसे संता का असली नाम गुरप्रीत सिंह और बंता का प्रभप्रीत सिंह हैं। ये दोनों भाई जालंधर में रहते हैं। बड़े भाई संता इस समय भी जालंधर में एक बैंक में काम कर रहे हैं। छोटा भाई प्रभप्रीत अपनी प्रोडक्शन कंपनी चला रहे हैं। संता-बंता अपने इस कार्यकाल में दूरदर्शन पर करीब 800 शो कर चुके हैं।
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संता-बंता ने दूरदर्शन पर 1988 में पहला प्रोग्राम संदली पैणा किया था। 1995 में उन्होंने दूरदर्शन पर रौनक मेला, नव वर्ष के कार्यक्रम लारा लप्पा व बच के मोड़ तो भी किया। संता-बंता बैंकॉक, सिंगापुर व टोरंटो में भी कई स्टेज शो किए। साल 2000 में प्रोडक्शन कंपनी शुरू कर शार्ट एपीसोड बनाने शुरू किए। उनको एक एपीसोड अपने 104 एपीसोड पूरे कर चुका है।
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संता-बंता का कहना है कि वे 84 दंगों के दौरान लोगों में डर को दूर करने व उन्हें हंसाने के लिए सरकारी शो किया करते थे। सरकार की तरफ से उनको पूरी सुरक्षा दी जाती थी। उन्होंने कहा कि वे 1982 से 1992 तक मशहूर पंजाबी कामेडियन चाचा रौणकी राम के साथ भी कामेडी शो कर चुके हैं। उनका हर शो जागरूकता और मानवता के लिए एक संदेश देने के लिए होता था।
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गुरप्रीत सिंह और प्रभप्रीत सिंह ने एक प्रोड्यूसर के कहने पर अपना नाम संता-बंता रख लिया था। 1997 में जब वे नव वर्ष का प्रोग्राम काला डोरिया कर रहे थे तो उनके प्रोड्यूसर ने उन्हें अपना नाम बदलने की सलाह दी। मशहूर लेखक व कार्टूनिस्ट खुशवंत सिंह अपने लेख में संता-बंता का जिक्र करते हैं। आप दोनों संता-बंता बन जाओ। इसके बाद उन्होंने नाम संता-बंता रख लिया।
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