वे गोलकनाथ से मिलने पहुंचे। उनका साथ उन्हें इतना अच्छा लगा की वे रोजाना मिलने जाने लगे। इसी समय उनका संपर्क गोलकनाथ की पुत्री पोली से हुआ। राजा ने पोली से शादी कर ली। ईसाई धर्म को आगे बढ़ाने का काम महाराजा हरनाम सिंह ने ही किया था। मौजूदा समय में गोलकनाथ परिवार की बेटी नेहा व उनके पति अश्विनी कौशल इस मिशनरी को चला रहे हैं।