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दीवाली में इस बार सिर्फ 'मेड इन इंडिया', मार्केट से चाइनीज माल आउट!

Sat, 14 Oct 2017 09:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना(पंजाब)
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Ludhiana Market
इस बार हिंदुस्तानी पटाखों की धमक के साथ दिवाली का जश्न मनेगा। ऐसा कई सालों के बाद हो रहा है, जब घरेलू पटाखा बाजार से ड्रैगन (चाइनीज पटाखे) एक तरह से आउट है। 
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crackers
चालू सीजन के दौरान लुधियाना के बाजार में 95 फीसदी से अधिक पटाखे मेड इन इंडिया हैं। भारतीय पटाखा निर्माताओं ने चीन को टक्कर देने के तहत आकर्षक पैकिंग के साथ एक से बढ़कर एक पटाखे बाजार में पेश किए हैं। कारोबारियों का कहना है कि पटाखा आयात पर सरकारी सख्ती एवं चाइनीज उत्पादों को लेकर लोगों की बदल रही धारणा के कारण ही विदेशी पटाखों से लोगों का मोह भंग हो रहा है।
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साथ ही दिल्ली एनसीआर के बाद अब देश के अन्य हिस्सों में भी पटाखों पर प्रतिबंध को लेकर उठ रही आवाजों से कारोबारी बेहद डरे हुए हैं, क्योंकि उनका करोड़ों रुपये का निवेश कारोबार में हुआ है। लुधियाना होलसेल फायर क्रैकर्स एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक थापर का कहना है कि पिछले साल तक मार्केट में करीब पचास फीसदी पटाखा चाइनीज था। इस बार कारोबारियों ने चीन से आयात नहीं किया है।

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crackers
शिवाकासी में चीन की तर्ज पर सस्ते एवं आकर्षक पटाखों का उत्पादन वाजिब कीमत पर किया जा रहा है। वहां से बच्चों के लिए खास माचिस, रिंग पत्ता, चुटपुट, गारलैंड समेत कई पटाखे आए हैं। पहले बच्चों की गन भी चीन से आती थी, लेकिन इस बार वह भी देश में ही बनी है। 
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fire crackers,
ध्वनि प्रदूषण को देखते हुए कंपनियों ने पटाखों में ब्लास्टिंग के डेसिबल भी कम किए हैं। ब्लास्टिंग पर फोकस की बजाए आतिशबाजी में आसमान में पहुंचकर आतिशबाजी के दौरान कई रंग छोड़ना और हल्के हल्के शॉट बनाना शामिल हैं। इस बार बाजार में सिलेंडर के आकार के पटाखे, कार्टून कैरेक्टर, आईपीएल क्रिकेटर शॉट्स बच्चों पसंद आ रहे हैं। कारोबारी इस बार 28 फीसदी जीएसटी की मार से भी परेशान हैं।  
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पटाखों पर प्रतिबंध, हिंदू पर्वों का मजा किरकिरा करने की साजिश : थापर
शहीद सुखदेव थापर मेमोरियल ट्रस्ट के प्रधान अशोक थापर ने का कहना है कि पटाखों पर प्रतिबंध लगाना हिंदू पर्वों का मजा किरकिरा करने की साजिश है। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दीपावली पर लक्ष्मी की पूजा करना और पटाखेे चलाना परंपरा है। माना जाता है कि अनार चलाने से होने वाली रोशनी खुशहाली का प्रतीक है। पटाखे पर प्रतिबंध लगाने की साजिशों का हर मोर्चे पर विरोध किया जाएगा।   
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