जेल में सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम के बारे में ड्राइवर खट्टा सिंह एक के बाद एक खुलासे किए जा रहा है, पढ़ें कबूलनामा।
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राम रहीम और खट्टा सिंह
दरअसल, पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में शुक्रवार को सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। मामले के अहम गवाह खट्टा सिंह की गवाही पर घंटों क्रास एक्जामिनेशन हुआ, जो शनिवार 19 मई को भी जारी रहेगा। खट्टा सिंह ने बताया था कि जालंधर से सत्संग से लौटने के बाद 23 अक्तूबर, 2002 को उसके सामने ही डेरा मुखी ने छत्रपति को मारने के लिए कृष्ण लाल, कुलदीप और निर्मल सिंह को आदेश दिए थे।
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खट्टा सिंह
- फोटो : SELF
कृष्ण लाल ने दो अन्य आरोपियों को रिवाल्वर और वॉकी-टॉकी मुहैया करवाई थी और अगले ही दिन 24 अक्तूबर को सिरसा में गोलियां मारकर छत्रपति की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में अहम गवाह होने के बावजूद खट्टा सिंह अपने बयान से मुकर गया था। पिछले साल डेरा सच्चा सौदा प्रमुख की गिरफ्तारी के बाद खट्टा सिंह ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में इस मामले में गवाही देने की याचिका लगाई थी।
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राम रहीम
मंजूरी मिलते ही पांच मई को खट्टा सिंह ने सीबीआई की विशेष अदालत में अपने बयान दर्ज कराए। इस दौरान उन्होंने कई अहम खुलासे किए हैं, जिससे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। खट्टा सिंह ने माना था कि पहले उसे जान का डर था, लेकिन अब इस मामले में गवाही देगा। अदालत में क्रास एक्जामिनेशन के दौरान खट्टा सिंह ने बताया कि उस पर किसी ने गवाही के लिए दबाव नहीं बनाया है।
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Ram Rahim
सुरक्षा के बाद भी खट्टा को सता रही जान की चिंता
खट्टा सिंह की ओर से सुरक्षा की मांग किए जाने पर उन्हें सुरक्षा तो मुहैया करवा दी गई, लेकिन खतरा टला नहीं है। बकौल खट्टा सिंह शुक्रवार को भी दो युवकों की निगाहें उसकी तरफ थीं। उन्होंने बताया कि गवाही के दौरान भी उनकी जान को खतरा बरकरार है।
सीबीआई का नहीं था कोई दबाव : खट्टा सिंह
क्रास एग्जामिनेशन के दौरान खट्टा सिंह ने कहा कि यह बिल्कुल गलत है कि सीबीआई के अधिकारियों की ओर से उन्हें हिरासत में लेकर यातनाएं दीं। उसने कहा कि गुरमीत राम रहीम के खिलाफ बयान देने के लिए भी किसी का दबाव नहीं था। यह बात भी बिल्कुल गलत है कि मजिस्ट्रेट के सामने जो बयान हुए, वह सीबीआई के डीआईजी एम. नारायणन की ओर से लिखवाए गए थे।