एशिया के सबसे बड़े जू में जाने के लिए अब ज्यादा पैसे देने पड़ेंगे, क्योंकि फीस बढ़ा दी गई है। यहां रहने वालों को भी गर्मी लगती है, वे भी प्यास से बेहाल होते हैं, देखिए तस्वीरें।
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छतबीड़ जू
- फोटो : अमर उजाला
देश-विदेश से छतबीड़ जू में आने वाले पर्यटकों को अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी। जू की एंट्री फीस में 25 फीसदी बढ़ोतरी की गई है। पहले जहां 12 साल से अधिक उम्र के पर्यटकों को एंट्री फीस के एवज में महज 60 रुपये भरने पड़ते थे, अब 80 रुपये भरने पड़ रहे हैं। वहीं छोटे बच्चों की एंट्री के लिए 30 रुपये के बजाय, अब 40 रुपये वसूल किए जा रहे हैं।
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साल 2018 में जू की एंट्री फीस में 18 फीसदी की बढ़ोतरी की गई थी, लेकिन इस साल अप्रैल 2019 से जू की एंट्री फीस में सीधा 25 फीसदी बढ़ोतरी कर दी गई है। हालांकि सैलानियों को घुमाने वाली इलेक्ट्रॉनिक बैटरी कार्ट (फेरी) के किराये में इजाफा नहीं किया गया, वहीं शेर सफारी के दाम भी नहीं बढ़ाए गए हैं। इसके साथ ही तीन साल तक के बच्चे, मीडियाकर्मी और दिव्यांगों की एंट्री पहले की तरह मुफ्त रखी गई है।
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तीन साल में डबल हो गई एंट्री फीस
मार्च 2016 तक 12 साल से अधिक उम्र के सैलानियों को जू में एंट्री के लिए 40 रुपये देने पड़ते थे। वहीं प्राइमरी स्कूल के बच्चों की दस और हाई स्कूल के बच्चों की फीस बीस रुपये थी, जिसमें उसी साल दस रुपये का इजाफा किया गया था। 2016 के बाद 2018 में एंट्री फीस बढ़ाकर 50 से 60 रुपये कर दी गई। अब 20 रुपये फीस बढ़ा दी गई है।
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भालू को दी जा रही फ्रूट क्रीम, बाकी जानवर पी रहे ग्लूकोन डी
इस समय पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार हो गया है। ऐसे में छतबीड़ जू में जानवर भी गर्मी से परेशान हैं। चिड़ियाघर प्रबंधन ने जानवरों को गर्मी से बचाने के लिए कई उपाय किए हैं। जानवरों के लिए जहां कूलर, तालाबों में पानी और पानी फेंकने वाले पंखों का प्रबंध किया गया है। वहीं, जानवरों के खाने में भी बदलाव किया गया है। भालू को प्रबंधन की ओर से खाने में फ्रूट क्रीम दी जा रही है तो बाकी जानवरों को ग्लूकोज और ग्लूकोन-डी पिलाया जा रहा है।
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वहीं जानवरों जू प्रबंधन ने जानवरों को ठंडक का अहसास देने के लिए कहीं-कहीं बर्फ की सिल्ली रखवा दी हैं तो कहीं स्प्रिंकल्स फिट करवाए हैं। इतना ही नहीं, रेंज अफसरों को आदेश दिए गए हैं कि बाड़े में बने छोटे पौंड के पानी को जल्दी-जल्दी बदला जाए, जिससे जानवर गर्म पानी में न रहें और पानी की गंदगी के कारण जानवरों को बीमारी न होने पाए। इस बार पौंड के पानी में विटामिन और मिनरल मिलाए गए हैं, जिससे जानवर स्वस्थ रहेंगे। जानवरों को खाने में ऐसे फल दिए जा रहे हैं, जिससे उनके शरीर में पानी की कमी नहीं होगी।
क्या कहते हैं जू के डायरेक्टर
छतबीड़ जू के डायरेक्टर एम सुधाकर ने बताया कि 12 साल से अधिक उम्र के पर्यटकों की जू में एंट्री फीस 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये कर दी गई है। वहीं बच्चों की एंट्री फीस 30 से बढ़ाकर 40 रुपये की गई है। इसके अलावा गर्मी में जू के जानवरों के खास बंदोबस्त किए गए हैं।