सोनिया चहल
दिल्ली में चल रही वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंची सोनिया चहल के खेल के लिए भाई ने पढ़ाई छोड़ी तो पिता ने खर्च के लिए ठेके पर खेती की। मां ने भैंसों का काम संभाला और दूध की बिक्री की। इस बीच सोनिया जी-जान से अभ्यास में लगी रही। इनकी सामूहिक परिश्रम और त्याग व जुनून का प्रतिफल है कि सोनिया सोने के तमगे से एक कदम दूर हैं, लेकिन चांदी पक्की कर चुकी हैं।