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विकास बराला और आशीष की करतूत की बड़ी सजा ये शख्स भुगतेगा, वो भी जिंदगी भर

Fri, 11 Aug 2017 07:17 PM IST
यशपाल शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
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Vikas Barala Arrested
विकास बराला और उसके दोस्त आशीष की एक करतूत ने इस शख्स को बड़ी सजा दे दी, वो भी जिंदगी भर के लिए। आप जानेंगे तो कहेंगे कि शर्म आनी चाहिए दोनों को।
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Vikas Barala Arrested
बात हो रही है विकास बराला के पिता सुभाष बराला की, जिनसे हरियाणा बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी छीन सकती है। हरियाणा में तीन साल पूरा करने जा रही पूर्ण बहुमत की पहली भाजपा सरकार के लिए प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला के बेटे की एक हरकत ने आगे की राह कठिन कर दी है। प्रदेश सरकार के अब तक के कार्यकाल से कार्यकर्ता अधिक खुश नहीं हैं। काम न होने की शिकायतें पहले ही पार्टी हाईकमान के समक्ष पहुंच चुकी हैं।
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Vikas Barala Case
पार्टी के सौ से अधिक विस्तारकों ने भी बीते विधानसभा चुनाव के मुकाबले जीती हुई सीटों पर जनाधार खिसकने की रिपोर्ट पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को हाल के तीन दिवसीय प्रवास में दी है। इसे देखते हुए पार्टी ने जैसे ही सरकार को दोबारा सत्ता में लाने का खाका खींचा था और आने वाले दिनों में उस पर अमल होना था, प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला के बेटे विकास बराला ने चंडीगढ़ में वरिष्ठ आईएएस वीएस कुंडू की बेटी से छेड़छाड़ कर सारी रणनीति पर ही पानी फेर दिया।

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Haryana CM on Vikas Barala Case
बराला के साथ ही भाजपा के सामने अब चुनौतियां अपार हैं, चूंकि मामले के राष्ट्रीय स्तर पर छाने, बराला परिवार के खिलाफ पुराने मामलों के उठने और सियासी बवाल के बाद हरियाणा में गलत संदेश गया है। खासकर, बेटियों की सुरक्षा के सरकार के दावे और बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान पर भी सवाल खड़े हुए हैं। मंत्रियों, विधायकों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के लिए बराला के मामले पर लोगों को संतुष्ट करना आसान नहीं है।
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Vikas Barala
बराला टोहाना से पहली बार जीतकर विधानसभा पहुंचे थे, उनके सामने सबसे बड़ा चैलेंज अपनी सीट को आगामी चुनाव में बचाना है। चूंकि, टोहाना सीट पर इससे पहले भाजपा कभी जीत नहीं पाई, यहां तक कि गठन के बाद 2009 तक हुए चुनाव में पार्टी दूसरे स्थान पर भी नहीं रही। इसलिए बराला को बेटे की हरकत से हुई किरकिरी के बाद जहां नए सिरे से टोहाना में चुनावी बिसात बिछानी होगी।
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Vikas Barala
वहीं 2019 में लोकसभा चुनाव के साथ हरियाणा में विधानसभा चुनाव होने पर बराला को विधायक पद बचाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाना पड़ेगा। बेटे के फंसने के बाद से ही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला के भविष्य को लेकर चर्चाएं जारी हैं। बराला के हटने की दशा में भाजपा के अंदर ही नए चेहरे पर कयास लगाए जाने लगे हैं। पिछले दिनों भाजपा ओबीसी के मुद्दे को ज्यादा उठाती रही है।
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Vikas Barala
ऐसे में माना जा रहा है कि बदले जाने की स्थिति में नया अध्यक्ष ओबीसी वर्ग का ही हो सकता है। राजकुमार सैनी के मोर्चे से निपटने के लिए किसी सैनी को अध्यक्ष बनाने की वकालत पहले ही हो चुकी है। अहीरवाल में पकड़ और मजबूत बनाने के लिए किसी यादव चेहरे को भी सामने लाया जा सकता है। वहीं अब बेटे के छेड़खानी प्रकरण में घिरे बराला को घेरने के लिए फिर से इस समीकरण का हवाला दिया जा सकता है।

 
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