चंडीगढ़ छेड़छाड़ मामले में रोजाना कई खुलासे हो रहे हैं, वहीं अब दोनों आरोपी विकास बराला और आशीष ने पुलिस के सामने एक और बात कबूल ली है।
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Vikas Barala
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस रिमांड में विकास बराला और आशीष कुमार ने कई बातें कबूल की हैं। सूत्रों के मुताबिक विकास बराला ने बताया कि वर्णिका को किडनैप करने जैसा उनका कोई मकसद नहीं था।
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साथ ही विकास और आशीष ने बताया कि वह सिर्फ लड़की की शक्ल देखना चाह रहे थे, कि वह लड़की जान-पहचान की तो नहीं। इसलिए उनकी कार वर्णिका की कार के पीछे थी।
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बता दें कि विकास और उसके दोस्त आशीष को मौका ए वारदात से दबोचने वाले पीसीआरकर्मियों ने भी कई खुलासे किए थे। उन्होंने बताया कि रईसजादों ने न केवल उन्हें धमकाया बल्कि पिता की पावर का रौब दिखाते हुए वर्दी तक उतरवाने की धमकी दी।
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Vikas Barala
हेडकांस्टेबल सतीश कुमार व वालंटियर बैसाखी ने बताया कि वह एरिया में पेट्रोलिंग कर रहे थे। रात करीब 12.33 पर कंट्रोल रूम से सूचना मिली कि हाउसिंग बोर्ड की ओर जा रही एक युवती को मदद चाहिए। 2 युवक उसका पीछा करके छेड़छाड़ व किडनैप करने की कोशिश कर रहे हैं।
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Vikas Barala
युवक भी हाउसिंग बोर्ड लाइट प्वाइंट की ओर से आ रहे हैं। इतना सुनते ही दोनों पीसीआर कर्मी तत्काल हाउसिंग बोर्ड चौक पर पहुंचे और पीसीआर वैन साइड में लगा दी। कुछ ही समय बाद तेज रफ्तार से एक सफेद रंग की कार आती दिखी। नंबर प्लेट देखकर पुलिस ने तत्काल सफारी को रोक लिया।
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ड्राइविंग सीट की तरफ से खुले आधे शीशे में हाथ डालकर पीसीआरकर्मियों ने चाबी निकाल ली। ड्राइविंग सीट पर आशीष बैठा हुआ था। एरिया को को-आर्डिनेट कर रहे इंस्पेक्टर स्वर्ण कुमार ने बताया कि आरोपियों ने नशे में पीसीआर कर्मियों को धौंस दिखाते हुए दो मिनट में वर्दी उतरवाने की धमकी दी।
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Vikas Barala Arrested
लेकिन पुलिसकर्मियों ने बिना खौफ खाए उन्हें दबोच लिया। इतने में ही सूचना पाकर दूसरी पीसीआर में सेक्टर-26 थाने से नाइट जांच सब-इंस्पेक्टर सतनाम सिंह मौके पर पहुंच गए। इसके बाद आरोपियों को थाने में लेकर आ गया।
पुलिस की ओर से 15 अगस्त को इंस्पेक्टर स्वर्ण कुमार सिंह, हेडकांस्टेबल सतीश कुमार (बेल्ट नं.-2499) व होमगार्ड वालंटियर बैसाखी (बेल्ट नं.-244) को सम्मानित किया जाएगा। हेडकांस्टेबल सतीश 6 महीने पहले पीसीआर विभाग में आए। इससे पहले वह वीआईपी सिक्योरिटी में तैनात थे। होमगार्ड वालंटियर बैसाखी पिछले 3 सालों से पीसीआर ड्राइवर के तौर पर तैनात है।