टूल किट भी साथ में रखा था। चंडीगढ़ से मुंबई यात्रा के दौरान गुड़गांव में साइकिल केएक्सल में प्रोब्लम आई थी। जिसे कुछ घंटे में दूर कर आगे का सफर शुरू किया। मैंने सफर के दौरान हर रोज 100 किलोमीटर साइकिल चलाई। वहीं सबसे अधिक एक दिन 142 किलोमीटर का सफर पूरा किया। कई वर्षों के अभ्यास के चलते मुझे इस साइकिल पर अब बैलेंस बनाने में कोई दिक्कत नहीं आती।
चंडीगढ़ से मुंबई तक के रास्ते में मेरे पीछे एक छोटी पिकअप वैन चलती थी। जिससे मेरा ड्राइवर चलता था। इसमें खाना बनाने का सामान, मेरे कपड़े और टेंट भी था। - राजीव कुमार ,जॉनी, सेक्टर 40 निवासी