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एक अनूठी शादी, व्हील चेयर पर बैठी कांस्टेबल दुल्हन ने ऐसे लिए सात फेरे, वजह भी जान लें

Thu, 28 Mar 2019 12:30 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हिसार (हरियाणा)
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व्हील चेयर पर बैठ दुल्हन ने लिए सात फेरे - फोटो : अमर उजाला
एक जोड़े ने बिल्कुल अलग अंदाज में विवाह रचाया। व्हील चेयर पर बैठकर युवती ने सात फेरे लिए। इसके पीछे वजह क्या है वह भी जान लीजिए। बता दें कि यह फेरे हिसार के सर्वोदय अस्पताल में हुए। यहां के गांव ढाणी मोहब्बतपुर निवासी कांस्टेबल नीलम की बारात बुधवार को गांव में आनी थी। मगर चार दिन पहले हुए सड़क हादसे ने उसे अस्पताल पहुंचा दिया। 
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व्हील चेयर पर सात फेरे - फोटो : अमर उजाला
मगर उसके मंगेतर कांस्टेबल रवि ने उसके प्रति प्यार कम नहीं होने दिया। वह परिवार के सदस्यों के साथ दूल्हा बनकर नीलम से विवाह करने सर्वोदय अस्पताल पहुंच गया। ईश्वर को साक्षी मानकर व्हील चेयर पर शादी के जोड़े में बैठी नीलम के साथ रवि ने सात फेरे लिए। इस पर न केवल नीलम, बल्कि आस-पास खड़े परिजन और अस्पताल के स्टाफ सदस्य भी भावुक हो गए। अब करीब एक सप्ताह तक और नीलम का इलाज अस्पताल में ही चलेगा। उसके बाद वह अपनी ससुराल जाएगी।
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अस्पताल में हुई शादी
पत्नी हांसी महिला थाने में तो पति सिरसा कोर्ट में हैं कांस्टेबल 
दरअसल, गांव ढाणी मोहब्बतपुर निवासी नीलम हांसी महिला थाने में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत हैं। उनकी शादी गांव शिकारपुर निवासी और सिरसा कोर्ट में तैनात कांस्टेबल रवि के साथ तय हुई। फेरों के लिए बुधवार का दिन तय किया गया। मगर चार दिन पहले रवि व नीलम दोनों बाइक पर सवार होकर हिसार शॉपिंग करने आए थे। तभी रास्ते में मोड़ पर उनकी बाइक फिसल गई। 

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शादी
हादसे में रवि को तो कोई चोट नहीं आई लेकिन नीलम गंभीर रूप से घायल हो गई। उसके दोनों हाथों और पैरों में चोटें आईं। उसे तत्काल शहर के सर्वोदय अस्पताल में दाखिल करवाया गया। नीलम के पिता का कई साल पहले निधन हो चुका है। उसके बाद से नीलम अपनी मां रामकला देवी व भाई नवीन के साथ अपनी ननिहाल गांव ढाणी मोहब्बतपुर में रहती हैं। उसकी पढ़ाई-लिखाई यहीं हुई है।
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व्हील चेयर पर लिए सात फेरे
मजबूत इरादों की धनी नीलम बचपन से ही समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय रही हैं। नीलम साल 2015 में नौकरी लगने से पहले नेहरू युवा केंद्र की राष्ट्रीय स्वयंसेवक और गांव के आजाद हिंद युवा क्लब की प्रधान भी रह चुकी हैं। नीलम के पति रवि का कहना है कि सात जन्मों तक एक-दूसरे का साथ निभाना है। ऐसे में कोई चोट हमारा एक-दूसरे के प्रति विश्वास कम नहीं कर सकती है। उन्हें गर्व है कि नीलम जैसी साहसी और मजबूत इरादों वाली पत्नी मिली हैं। इस मौके पर रवि के पिता मेहरचंद व जीजा सुरेंद्र कुमार सहित अन्य परिजन भी उपस्थित रहे।
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