चंडीगढ़ पुलिस की बर्बरता की हद देखिए, डीसी आफिस के बाहर प्रदर्शन कर रही महिलाओं के गिरेबां तक पुलिस के हाथ पहुंच गए। देखिए, तस्वीरें।
विज्ञापन
बर्बरता की हद देखिए, महिलाओं के गिरबां तक पुलिस के हाथ
2 of 11
प्रदर्शन डीसी आफिस के बाहर धनास की कच्ची कॉलोनी के लोगों ने किया था। घर बचाने आए इन लोगों पर लाठियां बरसीं। आक्रोशित भीड़ ने भी पथराव किया। पुलिस ने कई लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। कई अस्पताल पहुंचे।
विज्ञापन
बर्बरता की हद देखिए, महिलाओं के गिरबां तक पुलिस के हाथ
3 of 11
कॉलोनी वासी कांति देवी ने बताया कि उन्हें पहले नोटिस दिया जाना चाहिए था। शनिवार को केवल एनाउंसमेंट की गई। वह जिस घर में रहती है, उसका बाकायदा प्रतिमाह 600 रुपये किराया देती है। जमींदार ने कॉलोनी को अप्रूव करवाने का आश्वासन भी दिया था, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।
बर्बरता की हद देखिए, महिलाओं के गिरबां तक पुलिस के हाथ
4 of 11
वीणा ने बताया कि पुलिस ने डंडों से उनकी टांग पर कई वार किए। हालत यह है कि वह एक कदम भी नहीं चल सकती। पुलिस ने प्रतिनिधिमंडल में शामिल लोगों के मोबाइल को डीसी ऑफिस के वेटिंग रूम में ही कब्जे में ले लिया। जितनी देर बाहर लाठीचार्ज की कार्रवाई चली, सभी को नीचे बिठाए रखा। बाद में वहीं उनके बयान दर्ज किए।
विज्ञापन
बर्बरता की हद देखिए, महिलाओं के गिरबां तक पुलिस के हाथ
5 of 11
प्रदर्शनकारी डा. नवरीत, निशा और कई अन्य लोगों को पुलिस ने एस्टेट ऑफिस के संपर्क सेंटर में बंद कर दिया। प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के बाद सभी को बस में भरकर वहां से ले जाया गया।
विज्ञापन
बर्बरता की हद देखिए, महिलाओं के गिरबां तक पुलिस के हाथ
6 of 11
लाठीचार्ज के बाद सीपीआई (एमएल) नेता व कॉलोनीवासियों को गिरफ्तार करने के बाद कर्मचारियों में गुस्सा है। पीजीआई कांट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन के प्रधान गोपाल ने कहा कि यदि गिरफ्तार कर्मचारियों को मंगलवार को नहीं छोड़ा गया तो पीजीआई के कांट्रैक्ट वर्कर हड़ताल पर चले जाएंगे। यूनियन नेता एसडी सहोता ने भी गिरफ्तारी का विरोध जताया है। यूनियन नेताओं का हमेशा से शोषण होता आया है। अब इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
बर्बरता की हद देखिए, महिलाओं के गिरबां तक पुलिस के हाथ
7 of 11
लोगों के विरोध के कारण धनास की कच्ची कालोनी को हटाने की कार्रवाई फिलहाल स्थगित कर दी गई है। सांसद किरण खेर ने प्रशासक के सलाहकार विजय देव से फोन पर बातचीत की और कार्रवाई स्थगित कर दी गई। विजय देव ने इसकी पुष्टि की है। अब कार्रवाई की अगली तारीख उपायुक्त की ओर से तय की जाएगी।
बर्बरता की हद देखिए, महिलाओं के गिरबां तक पुलिस के हाथ
8 of 11
उधर, सोमवार को ही भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने महासचिव प्रेम कौशिक के नेतृत्व में सलाहकार से मुलाकात कर कार्रवाई स्थगित करने की मांग की थी। उन्होने कहा कि कच्ची कॉलोनी में कई परिवार मुस्लिम समुदाय से हैं व अभी रमजान चल रहा है। इसलिए इस समय कार्रवाई उचित नहीं है।
बर्बरता की हद देखिए, महिलाओं के गिरबां तक पुलिस के हाथ
9 of 11
धनास के सरपंच कुलजीत सिंह कहते हैं कि जिस जमीन पर कॉलोनी बसी है, वह जमींदारों की है। सबके पास जमीन के छोटे-छोटे टुकड़े हैं, इसलिए यहां खेती भी नहीं की जा सकती है। तभी यहां झुग्गियां डलवा दी गईं। किराए लेने के अलावा कई बार कार्रवाई से बचाने के नाम पर भी पैसे लेने की मेरे पास शिकायतें आती रही हैं। यहां रहने वाले लोग पहले ही पीड़ित हैं। ऐसे में इन पर लाठीचार्ज करना गलत है। कुछ लोग राजनीति चमकाने में जुटे हैं। इसलिए कॉलोनी वालों को भी पुलिस की मार झेलनी पड़ी।
बर्बरता की हद देखिए, महिलाओं के गिरबां तक पुलिस के हाथ
10 of 11
प्रदर्शनकारी महिला को जबरन पकड़ कर वैन में ले जाती हुई महिला पुलिस।