कोरोना की दवा अभी आई नहीं है। सरकार हो या डॉक्टर, सभी कोरोना से बचाव के लिए केवल मास्क पहनने को ही सुरक्षा का एकमात्र तरीका बता रहे हैं। लेकिन लोग हैं कि मानते नहीं। चंडीगढ़ में मास्क न लगाने पर 1000 रुपये का जुर्माना है लेकिन इससे बचने के लिए लोग ऐसे-ऐसे बहाने बना रहे हैं जिन्हें जानकर आप लोट-पोट हो जाएंगे। जानिए मास्क न पहनने पर सिटी ब्यूटीफुल के लोगों के अजब-गजब बहाने
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चंडीगढ़ में मास्क न पहनने वाले लोगों के चालान काटती टीम।
- फोटो : अमर उजाला
‘मास्क जेब में है, पहनना भूल गया था’
मास्क न लगाने पर चालान काटने वाली टीम ने मार्केट में घूम रहे हरप्रीत को भी बिना मास्क के पकड़ा। चालान टीम ने रोका तो हरप्रीत बोला ‘मास्क जेब में है लेकिन पहनना भूल गया था।’उसके दोस्त ने चालान के 1000 रुपये भरे।
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चंडीगढ़ में चालान काटती टीम।
- फोटो : अमर उजाला
‘इंटरव्यू देकर आ रही हूं, इसलिए मास्क नहीं पहना’
चालान टीम को बाजार में एक महिला मिली, जिसने मास्क नहीं पहना था। टीम ने रोककर पूछा तो महिला ने तर्क दिया कि वह इंटरव्यू देकर आई है, इसलिए मास्क नहीं पहना। 8 महीने बाद नौकरी के लिए बुलाया था, इसलिए इंटरव्यू देने आई थी। टीम ने कहा कि इंटरव्यू स्थल यहां से दूर है, इसलिए चालान तो होगा।
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दुकान के बाहर नोटिस चिपकाता युवक।
- फोटो : अमर उजाला
‘अभी-अभी खाना खाया है, सुबह से पहन रखा था’
सेक्टर-40 की मोटर मार्केट में बिना मास्क के एक-दूसरे से बात करते दो व्यक्ति दिखे। टीम ने रोका तो एक व्यक्ति बोला कि वह मिस्त्री है और अभी खाना खाकर आया है। सुबह से मास्क लगा रखा था। बिल्कुल अभी निकाला है।
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चंडीगढ़ में चालान काटते अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
‘वर्करों ने जो खाना बनाया है, उसे टेस्ट करने के लिए मास्क हटाया है’
फास्ट फूड के बूथ में एक व्यक्ति बिना मास्क के दिखा। टीम ने बाहर बुलाया तो व्यक्ति ने तर्क दिया कि वर्करों ने जो खाना बनाया है, उसे टेस्ट करने के लिए ही मास्क उतारा है। काउंटर पर बैठा व्यक्ति भी उसकी हां में हां मिलाता दिखा लेकिन उसने भी मास्क नाक से नीचे पहना हुआ था।
मास्क न पहनने वाले लोगों के चालान काटते अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
कोरोना अब नहीं है, पहले था
एक युवती को चालान के लिए रोका तो वह तर्क देने लगी कि कोरोना अब नहीं है, जो पहले था। टीम ने चालान काटा। इसके बाद भी युवती ने मास्क नहीं पहना और यह कहकर चली गई कि अब तो चालान कट गया है। मास्क पहने या न पहने, क्या फर्क पड़ता है। पार्क में बिना मास्क पहने बैठी एक महिला से पूछा गया तो उसने कहा कि वह बीमार है और इतना कहकर वह रोने लगी। कुछ ने कहा कि नौकरी ही नहीं है तो चालान के पैसे कहां से देंगे। इस दौरान बिना मास्क पहने एक मजदूर को टीम ने जागरूक किया और अपनी तरफ से उसे मास्क भी पहनने के लिए दिया। प्रशासन मास्क नहीं पहनने पर चालान काटकर शहरवासियों से करीब एक करोड़ 39 लाख 39 हजार रुपये वसूल चुका है।